अनुप्रिया पटेल बोलीं- शेर बाप की बेटी हूं: लखनऊ में अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गईं, कहा- हमारी सफलता से लोग परेशान

अनुप्रिया पटेल बोलीं- शेर बाप की बेटी हूं: लखनऊ में अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गईं, कहा- हमारी सफलता से लोग परेशान केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल एक बार फिर अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गई हैं। यह दूसरी बार है, जब वह निर्विरोध चुनी गईं। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया ।

इस दौरान अनुप्रिया ने कहा, “सोनेलाल पटेल के बाद मैं एक विधायक ही जीती। तब लोगों ने कहा कि एक विधायक से क्या होगा। लेकिन, धीरे-धीरे पार्टी से जुड़ने वाले लोगों कि तादाद बढ़ती गई। आज करोड़ों कार्यकर्ताओं ने सबकी बोलती बंद कर दी है। एक बार पुनः आप सभी ने मुझे अध्यक्ष रूप में चुना है । अध्यक्ष चुन कर आपने मेरे ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी दी है। मेरी हर क्षण कोशिश रहती है कि आपके विश्वास पर खड़ी रहूं। आप सभी ने हर पल मेरा साथ दिया है। मैं निरंतर आपके लिए काम करूंगी। बता दें कि 6 साल में स्टेट पार्टी का दर्जा चुनाव आयोग से अपना दल (एस) को मिल गया है।

“जब मैं पार्टी की महासचिव बनी तब मेरे पास कोई अनुभव नहीं था ” राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पिता डॉ. सोनेलाल के खोने का दुख मैंने आप सभी की आंखों में देखा था। आप सभी ने उस समय मुझे पार्टी का महासचिव चुना था। तब मुझे पार्टी का कोई अनुभव नहीं था। जिस कार्य क्षेत्र में मैंने कदम रखा था। उसका मुझे कोई ज्ञान नहीं था। तब मैंने संकल्प लिया था कि शेर बाप की बेटी कभी पीछे नहीं हट सकती। 2012 में मैंने वाराणसी के रोहनिया सीट से चुनाव लड़ा था। उस सीट पर मैं जीती भी। लेकिन, तब लोग सोचे कि एक सीट से क्या होगा।

अपना दल का स्ट्राइक रेट तमाम पार्टियों से बेहतर

अनुप्रिया ने कहा कि आज अपना दल की ताकत निरंतर बढ़ रही है। पिछले कुछ चुनाव में अपना दल का स्ट्राइक रेट तमाम पार्टियों से बेहतर रहा है। इससे किसी के पेट में दर्द जरूर हो रहा होगा। चुनाव के साथ आप के कंधों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे आप लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। अपना दल आज तीसरी बड़ी राज्य स्तरीय पार्टी बन चुकी है। हमें अपनी लड़ाई को और मजबूती से लड़ना है। हर एक बूथ मजबूत करना है । चुने हुए जन प्रतिनिधियों में और इजाफा करना होगा।

“69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण का मुद्दा उठा रही पार्टी” केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा, “हम लोग 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर लगातार मुद्दा उठा रहे हैं। 2024 के चुनाव लिए 24 घंटे हमें मेहनत करनी है। पार्टी को आगे बढ़ाना है । सदस्यता अभियान में लोग हमारी पार्टी से जुड़ना चाहते है। आप लोग एक-एक व्यक्ति तक पहुंचिए। अपना दल ही है, जिसमें अपना बल है, इस नारे के साथ आप सभी कार्यकर्ता लोगो को पार्टी से जोड़ने का काम कीजिए ।

आशीष पटेल बोले- सोशल मीडिया पर बयान

देने से बचें यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा, “मैं सभी से अपील करता हूं कि कोई भी सोशल मीडिया पर जवाब नहीं देगा। किसी को गाली देना से कभी कोई नेता नहीं बना है। मीडिया का अपना काम है, लेकिन आप उन लोगों को सोशल मीडिया पर जवाब म दीजिए। ऐसे सड़क छाप लोगों को TRP मत दीजिए। अभी तो यह शुरुआत है कि जैसे-जैसे यह सदस्यता अभियान एक करोड़ को पार करेगी। वैसे-वैसे आरोप और लगेंगे। मैं आरोपों की लिस्ट तैयार करूंगा। आशीष पटेल ने कहा कि अपना दल एस के पास कोई पूंजीपति नहीं है। पहले पार्टी के सदस्यता के लिए कार्यकर्ता 1 किलो गेहूं बेचकर 10 रुपए के नोट के साथ सदस्यता लिया करते थे। डॉक्टर साहब के नेतृत्व में 3 विधायक जीते थे। तब भी लोग आरोप लगाया करते थे। आज राज्यस्तरीय पार्टी है, तो आरोप लगेंगे। अपना दल की ताकत यह है कि 6 साल में राज्य स्तरीय पार्टी बन गई।

निकाय चुनाव के उम्मीदवारों पर हुई

चर्चा पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय अधिवेशन में आगामी नगर निकाय चुनाव और लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी नीतियों और तैयारियों पर चर्चा हुई। निकाय चुनाव में पार्टी किन शहरों में अपने प्रत्याशी उतारेगी, इन पर भी राष्ट्रीय अधिवेशन में चर्चा हुई।

अनुप्रिया केंद्रीय मंत्री तो पति यूपी सरकार में कैबिनेट

14 सितंबर 2016 को अपना दल (एस) का गठन हुआ था। अपना दल एस के गठन के पीछे सोनेलाल पटेल द्वारा बनाई गई अपना दल पार्टी के दो भाग होना बताया जाता है। मौजूदा समय में अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल हैं, जो केंद्र सरकार में मंत्री हैं, जबकि अनुप्रिया के पति आशीष पटेल MLC हैं। वो योगी सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री हैं। अपना दल (एस) NDA का हिस्सा है। पिछले विधानसभा चुनाव में अपना दल (एस) ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 12 पर जीत हासिल की थी। जबकि 5 सीटों पर रनर अप रही थी। 2022 के चुनाव में पार्टी की परफॉर्मेंस को देखते हुए राज्य के राजनैतिक दल के रूप में मान्यता दी गई है। आयोग ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान सभा 2022 के आम चुनाव में समीक्षा के बाद यह देखा गया है कि अपना दल (सोनेलाल) वर्तमान में एक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है और उसने चुनाव चिह्न ( आरक्षण और आवंटन) आदेश 1968 के पैरा 6ए में निर्धारित शर्तों को पूरा किया है।

• 2014 में कुर्मी और नॉन यादव OBC वोटर्स को साधने के लिए 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपना दल के साथ चुनाव लड़ा। इस चुनाव में अपना दल ने दो लोकसभा सीटें जीत लीं।

• अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर लोकसभा से चुनी गईं। सब कुछ ठीक था, लेकिन अपना दल में विवाद उस वक्त बढ़ा जब अध्यक्ष कृष्ण पटेल ने पल्लवी पटेल को पार्टी का उपाध्यक्ष बना दिया।

• अनुप्रिया पटेल ने मां के इस फैसले को गैर-कानूनी और मनमाना करार दिया। इस टकराव के बीच कृष्णा पटेल ने अनुप्रिया को पार्टी के जनरल सेक्रेटरी पद से हटा दिया।

• इसके बाद कृष्ण पटेल ने अनुप्रिया के सांसद बनने के बाद खाली हुई रोहनिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गईं। हार के बाद कृष्णा पटेल बेटी अनुप्रिया और दामाद आशीष पटेल पर आरोप लगाया कि दोनों ने उनकी हार के लिए साजिश रची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुप्रिया पटेल की निजी महत्वाकांक्षा ने आज पार्टी और परिवार को इस हाल में पहुंचा दिया है।

• मई 2015 में कृष्णा पटेल ने अनुप्रिया को अपना दल से निलंबित कर दिया। इस बीच कृष्णा पटेल और अनुप्रिया पटेल दोनों खुद को पार्टी का अध्यक्ष बताते रहे। 2016 में जब अनुप्रिया पटेल को पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्री बनाया तब कृष्णा पटेल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने उनकी बेटी को मंत्री बनाने से पहले उनके साथ सलाह-मशविरा नहीं किया । • विवाद के बीच अनुप्रिया पटेल ने चुनाव आयोग का रुख करते हुए पार्टी अध्यक्ष पद पर अपना दावा पेश किया, लेकिन चुनाव आयोग ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया। इसके बाद अनुप्रिया पटेल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। जहां पर मामला अब भी पेंडिंग है। • 2020 में कृष्णा पटेल ने अपना दल (कमेरावादी) नाम से पार्टी रजिस्टर्ड करा ली। पार्टी प्रवक्ता विनोद कसेरा ने बताया कि नए नाम के साथ पार्टी का यह पहला चुनाव होगा। इस पार्टी को मां कृष्णा पटेल के साथ पल्लवी देख रही हैं, जबकि उनके पति पंकज निरंजन पार्टी के जनरल सेक्रेटरी हैं।

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