आंवले के पेड़ के नीचे योगी ने खाया खाना, VIDEO: BRD मेडिकल कॉलेज में बोले पहिए होते तो यह कहीं चला जाता

आंवले के पेड़ के नीचे योगी ने खाया खाना, VIDEO: BRD मेडिकल कॉलेज में बोले पहिए होते तो यह कहीं चला जाता CM योगी शनिवार को गोरखनाथ मंदिर में सहभोज में शामिल हुए। एकादशी व्रत के पारण पर उन्होंने आंवले के पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर खाना खाया। इसके पहले वह BRD मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस दौरान BRD मेडिकल कॉलेज को लेकर किए गए अपने संघर्ष को याद कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए।

सीएम ने कहा, “30 वर्षों से मेडिकल कॉलेज से जुड़ा हूं। इसकी दुर्दशा को अपनी आंखों से देखा है। BRD मेडिकल कॉलेज ने लंबे अर्से तक उपेक्षा का दंश झेला है। इसके अस्तित्व पर ही संकट था। अगर पहिए लगे होते तो यह मेडिकल कॉलेज कहीं और शिफ्ट हो गया होता।”

सीएम योगी दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे हैं। शनिवार को वह BRD मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। इसके बाद सीएम दोपहर बाद उद्यमियों और व्यापारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर संवाद करेंगे। इसके लिए 181 उद्यमियों एवं व्यापारियों की सूची तैयार की गई है।

100 बेड का बनेगा क्रिटिकल ट्रामा सेंटर

मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे सीधा BRD मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने स्वर्ण जयंती द्वार ( मेन गेट) का लोकार्पण और हॉस्टल का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उनके हाथों फार्मेसी एवं नर्सिंग कॉलेज के छात्रों के लिए 200 सीटर हॉस्टल के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया गया। मेडिकल कॉलेज में 100 बेड वाला लेवल वन का ट्रॉमा सेंटर क्रिटिकल केयर ब्लॉक भी बनना है। इसके लिए 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री इस संबंध में कोई बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं।

स्वास्थ्य की रक्षा सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जन स्वास्थ्य की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए वह बेहतरीन हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर दे रही है। बीमारी का सिर्फ इलाज ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि हमें बीमारी के मूल कारणों का भी पता लगाना होगा ताकि उसे पनपने से ही रोका जा सके। इस संदर्भ में चिकित्सकों और चिकित्सा शिक्षकों की जिम्मेदारी बनती है कि वह इलाज करने के साथ ही शोध- अनुसंधान को बढ़ावा दें। सरकार इस दिशा में किसी भी तरह की कमी नहीं होने देगी।

इंसेफेलाइटिस पर 1998 से खड़ा किया आंदोलन

उन्होंने इंसेफेलाइटिस को लेकर किए गए अपने संघर्ष का स्मरण करते हुए कहा कि 1998 से इस मुद्दे पर नांदोलन खड़ा किया गया लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह थी कि इंसेफेलाइटिस पर एक भी रिसर्च पेपर नहीं था। चिकित्सकों के लिए एक-एक मरीज शोध का केंद्र होता है। वे अपने दैनिक कार्यों को करते हुए शोध को आगे बढ़ा सकते हैं। चिकित्सा शिक्षा के छात्र लैब और लाइब्रेरी तक ही सीमित न रहें।

बीमारी का कारण पता करें, रिसर्च पेपर तैयार करें

मिण क्षेत्रों में जाकर बीमारी का कारण पता करें, रिसर्च पेपर तैयार करें। पास आउट डॉक्टर्स अपने अनुभव के आधार पर रिसर्च पेपर बनाएं। राज्य सरकार उनके अनुभवों और सुझावों को देखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेजों से सरकार की अपेक्षा रहती है कि चिकित्सक बेहतरीन कार्य करें और नए शोध को आगे बढ़ाएं। योगी ने कहा कि रिसर्च एंड डेवलपमेंट को रोका गया तो हम पिछड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी का अभाव नहीं है। जरूरत इसके अनुरूप पाठ्यक्रमों के संचालन ओर रिसर्च कार्यों को बढ़ावा देने की है। इस पर ध्यान देकर बेहतरीन परिणाम हासिल किया जा सकता है। शोध से हम समूचे चिकित्सा व्यवस्था को नई ऊंचाई दे सकते हैं।

73 सालों में पहली बार मनाया जाएगा Supreme Court का स्थापना दिवस

शनिवार यानी आज 4 फरवरी को पहली बार भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का स्थापना दिवस मनाया जाएगा।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंगापुर के न्यायाधीश जस्टिस सुंदरेश मेनन को बुलाया गया है।

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