आखिर हमारे खरीदे गए जेवरों को किसी यूनिक ID की जरूरत क्या है ?

बहुत से लोगो को यह बात समझ नही आ रही होगी उनके लिए बता देता हूँ कि सरकार ने देश भर के तमाम बड़े छोटे ज्वेलर्स के लिये एक नयी व्यवस्था लागू की है इसे HUID व्यवस्था कहा जा रहा है HUID का अर्थ है हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन. …….ये एक 9 अंक का अल्फान्यूमेरिक कोड है, जो अब से हर ज्वेलरी पर लगाया जाएगा ताकि गहने की एक विशिष्ट पहचान सुनिश्चित की जा सके !…….

एचयूआईडी सिस्टम में देश के हर ज्वेलर्स / सुनार को दो ग्राम या इससे अधिक भार वाला आभूषण बनाने पर बेचने पर हर उत्पाद का विवरण बीआईएस पोर्टल पर देने के साथ उसे किस ग्राहक को बेचा, ये बताना होगा। उत्पाद की फोटो भी साइट पर अपलोड करनी होगी। इसमे सराफा कारोबारी का नाम, पता, हॉलमार्क सेंटर, उसका नंबर, वजन, यूनिक नंबर, गहने की शुद्धता और उसकी बिक्री का भी ब्योरा दर्ज करना होगा

91.6 % Hallmark Jewellery. Antique Jewellery Gold Gents Ring, 15 Grams, Rs  69000 /gram | ID: 22067110312

जैसे हर व्यक्ति आधार नम्बर होता है यह कुछ वैसी ही व्यवस्था है इस नए नौ अंकों की अल्फा न्यूमेरिक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईएन) कोड को क्यूआर कोड रीडर या एक मोबाइल एप्लिकेशन के साथ पढ़ा जा सकता है,

इसमे ज्वेलर्स की तो ट्रैकिंग होगी ही साथ ही कस्टमर की भी ट्रैकिंग होगी जिससे ग्राहक की निजता को भी बड़ा खतरा है

देश भर के ज्वेलर्स ने इसका विरोध करते हुए 23 अगस्त को एक दिन की हड़ताल की. ज्वेलर्स का कहना है कि हॉलमार्क तो ठीक है. लेकिन HUID को वो लोग स्वीकार नहीं करेंगे

यहां पर आप ध्यान इस बात पर दे कि यह हॉलमार्क नही है यह एक उससे इतर व्यवस्था है हॉलमार्क वाले आभूषणों पर पहले से ही बीआईएस लोगो, हॉलमार्क जारी करने वाला लैब कोड, गहना की शुद्धता, हॉल मार्किंग का वर्ष और जौहरी विवरण होता है। उससे किसी को भी प्रॉब्लम नही है क्योंकि हॉलमार्क एक तरह की गारंटी है। इसके तहत हर गोल्ड ज्वैलरी पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) अपने मार्क के द्वारा शुद्धता की गारंटी देता है। यदि गहनों पर हॉलमार्क है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता प्रमाणित है इससे ज्वेलर्स को बिल्कुल इनकार नही है उन्हें हर ज्वेलरी की यूनिक आइडेंटिटी से प्रॉब्लम है

Hallmark indicates purity - Lalithaa Jewellery

यह ज्वेलर्स को क्लर्क बनाने की कवायद है. दुकान में अगर एक ज्वेलरी पर HUID नही मिला तो रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस रद्द करने, बीआईएस एक्‍ट, 2016 के सेक्‍शन 29 के तहत एक साल तक की जेल या 1 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भरना पड़ सकता है, तलाशी और जब्ती के ऐसे कड़े नियम से गोल्ड इंडस्ट्री में इंस्पेक्टर राज आ जाएगा, वर्तमान में देश के 256 जिलों में ही हॉलमार्क सेंटर हैं. जबकि यूआईडी डालने के लिए हर जिले में 10 हॉलमार्क सेंटर की जरूरत है.

यानी ज्वेलर्स के भी अच्छे दिन आ रहे है ! यही वर्ग सबसे आगे रहकर इस शोषणकारी मोदी सरकार को खुलकर समर्थन देता आया है इसलिए इनसे रत्ती भर की सहानुभूति कम से कम मुझे तो नही है !………

इस नियम के लागू होने के बाद छोटा मोटा ज्वेलर्स तो साफ ही हो जाएगा और बाजार पर बड़े ब्रांड का कब्जा हो जाएगा

मुझे सिर्फ एक बात समझ नही आ रही है कि आखिर वे कौन से व्यक्ति है या ऐसे कौन से संगठन है जिन्होंने इस नियम को लागू करने की माँग की थी ? साफ है ज्वेलर्स ने तो यह माँग की नही होगी न किसी उपभोक्ता संगठन ने ऐसी कोई माँग सरकार के सामने रखी होगी ?

अब यदि मैं कहूँ कि यह न्यू वर्ल्ड ऑर्डर के तहत किया जा रहा है तो बहुत से लोगो को इसमे भी कांस्पिरेसी थ्योरी नजर आने लगेगी

From January 2021, jewellers across India can only sell hallmarked gold  items. But are retailers and buyers ready? - The Economic Times

इस देश मे सोने को एक संपत्ति के रूप में जाना जाता है, जैसे जमीन जायदाद है वैसे ही सोना भी है, सरकार जल्द ही हर जमीन/मकान/दुकान/फ्लैट आदि के लिए भी एक सेंट्रलाइज्ड यूनिक आइडेंटिटी की व्यवस्था लागू कर रही है ,जिसे वह आधार से जोड़ेगी ओर सोने की छोटे से छोटी ज्वेलरी को एक यूनिक आइडेंटिटी देकर इस व्यवस्था की नींव डाली जा रही है,

यह एक टोलेटोरियन स्टेट की शुरुआत है जिसमे राज्य आपके जीवन के हर पहलू पर कड़ा नियंत्रण रखना चाहता है, यह फ़ासीवाद की शुरुआत है, जहाँ क्रोनी कैपटलिज्म के हित ओर राज्य की तमाम व्यवस्था एक उद्देश्य की तरफ बढ़ते हैं ओर वह है निजी स्वतंत्रता का अपहरण !

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