ऋषि सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री, हमें 200 साल गुलाम रखने वाला ब्रिटेन की सरकार चलाएगा एक भारतीय

ऋषि सुनक ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होंगे। कंजर्वेटिव पार्टी ने दिवाली के दिन ऋषि सुनक को अपना नेता चुना। वह यूनाइटेड किंगडम (UK) का PM बनने वाले पहले एशियाई मूल के व्‍यक्ति हैं।

नई दिल्‍ली: भारतवंशी ऋषि सुनक ब्रिटेन (UK) के प्रधानमंत्री चुने गए हैं। UK की कंजर्वेटिव पार्टी Conservative Party ने ऋषि सुनक को अपना नेता चुना है।

दिवाली के मौके पर शाम को ऋषि सुनक को प्रधानमंत्री बनने का ऐलान किया गया। ऋषि सुनक सिर्फ 45 दिन पीएम रहीं लिज ट्रस की जगह लेंगे। ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्‍स III की मंजूरी मिलते ही सुनक औपचारिक रूप से अगले प्रधानमंत्री बन जाएंगे। ब्रिटिश PM की रेस में सुनक, बोरिस जॉनसन और पेनी मॉरडॉन्ट शामिल थे।

जॉनसन ने नाम वापस ले लिया और पेनी जरूरी समर्थन नहीं जुटा सकीं। उनके रेस से बाहर होते ही सुनक का यूके का पहला एशियाई प्रधानमंत्री बनना तय हो गया। ऋषि को पार्टी के भीतर जबर्दस्‍त सपोर्ट मिला है। लिज ट्रस के जाने से भारतीय मूल के ऋषि सुनक की PM पद पर दावेदारी बनी थी। दोनों ने PM पद के लिए कंजर्वेटिव पार्टी के भीतर कुछ माह पहले हुए चुनाव में काफी मशक्कत की थी और ऋषि दूसरे नंबर पर रहे थे।

ऋषि सुनक बने ब्रिटेन के पहले भारतीय प्रधानमंत्री

ऋषि सुनक कंजर्वेटिक सांसदों की पसंद रहे हैं और वित्तीय मसलों पर भी अच्छी समझ रखते हैं। इसके पहले ऋषि सुनक में वित्त मंत्री रहे हैं। PM पद के चुनाव में उन्होंने ट्रस को कड़ी टक्कर दी थी। ब्रिटेन में हालिया PM पद के चुनाव में आम आदमी पर से महंगाई के दबाव को कम करना बहुत बड़ा अजेंडा बन गया था। ऐसे में लुभावने वादे कर लिज ट्रस PM तो बन गईं मगर उनका ऐक्शन प्लान फेल हो गया।

अब ऋषि सुनक आम जनता को इस सबसे कैसे उबारते हैं। यह देखना होगा। इससे पहले ऋषि सुनक ने ट्वीट किया था, ‘हमारे सामने और बड़ी चुनौतियां हैं। लेकिन यदि हम सही चुनाव करते हैं तो अवसर असाधारण हैं। मेरा काम करने का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। हमारे सामने जो सबसे बड़ी समस्याएं हैं। उनसे निपटने की स्पष्ट योजना है और मैं 2019 के घोषणापत्र में किए गए वादों पर काम करुंगा।’

आखिर क्यों लिज ट्रस को देना पड़ा था इस्‍तीफा? :-

सिर्फ 45 दिन तक सत्ता में रहीं लिज ट्रस सबसे कम समय तक PM पद पर रहने वालीं ब्रिटेन की PM बनीं। लिज ट्रस टैक्स कटौती का चुनाव वादा करके ही सितंबर की शुरुआत में PM बनीं थीं। हालांकि जब 23 सितंबर को वह मिनी बजट लाईं तो उसमें किए गए प्रावधानों ने वित्तीय बाजार में ऐसी हलचल मचाई कि लिज ट्रस को वित्ती मंत्री को ही बर्खास्त करना पड़ा।

लिज ट्रस ने 6 सितंबर को PM पद संभाला था और 23 सितंबर को उनके वित्त मंत्री क्वासी क्वारतेंग जो मिनी बजट लाए, उसमें 45 अरब की टैक्स कटौती की बात कही गई। अमीरों के लिए टैक्स में 45% तक की कटौती की गई जबकि गरीबों के लिए कुछ खास नहीं था। इससे आगामी हफ्तों में वित्तीय बाजार में अस्थिरता आ गई।हालात इस कदर बिगड़ गए कि वित्त मंत्री को आनन-फानन में हटाना पड़ा। नए वित्त मंत्री ने आते ही बजट प्रावधानों को ही वापस ले लिया।

इससे ट्रस सरकार पर सवाल उठ गए कि न तो वह अपने चुनावी वादे पर टिकी रह पाईं और न ही उनके पास कोई ऐक्शन प्लान था। इसके बाद कंजर्वेटिव पार्टी के भीतर ही उनके खिलाफ विरोध तेज हो गया। पहले वित्त मंत्री, फिर भारतीय मूल की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने इस्तीफा दिया। इस्तीफा क्या दिया, खुलेआम कह दिया कि पीएम अपने चुनावी वादे पर नहीं टिकी रह सकीं। इससे ट्रस सरकार पूरी तरह अस्थिर हो चली।

क्या आम चुनाव है रास्ता? :-

ब्रिटेन में 2019 में हुए आम चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी जीती थी। यूं तो आम चुनाव 2025 तक ही होने हैं, मगर विपक्षी लेबर पार्टी मध्यावधि चुनाव की मांग कर रही है। लेबर नेता सर कीर स्टार्मर ने कहा है कि इस उथल-पुथल से निकलने का आम चुनाव ही एक रास्ता बचा है।

भारतीय मूल के ऋषि सुनक के बारे में :-

ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथम्पैटन में हुआ था। ऋषि सुनक के पिता डॉक्टर और मां एक दवाखाना चलाती थीं। ऋषि सुनक तीन बहन-भाई हैं जिनमें वे सबसे बड़े हैं। ऋषि सुनक के दादा-दादी का जन्म पंजाब प्रांत (ब्रिटिश इंडिया) में हुआ था, जबकि ऋषि सुनक के पिता का जन्म केन्या तो उनकी मां का जन्म तंजानिया में हुआ था।

LONDON, UNITED KINGDOM – FEBRUARY 09: (EMBARGOED FOR PUBLICATION IN UK NEWSPAPERS UNTIL 24 HOURS AFTER CREATE DATE AND TIME)

ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के विंचेस्टर कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में पढ़ाई की, जिसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से की। ऑक्सफोर्ड में ऋषि सुनक ने फिलोसॉफी और इकॉनोमिक्स को पढ़ा। इसके बाद ऋषि सुनक ने स्टैनफोर्ड से MBA भी किया। इस दौरान वे यूनिवर्सिटी में स्कॉलर थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद ऋषि सुनक ने Goldman sachs के साथ काम किया और बाद में हेज फंड फर्म्स में पार्टनर बन गए।

करियर के शुरुआती दिनों में जब ऋषि राजनीति में नहीं आए थे, तब उन्होंने एक अरब पाउंड की ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी की स्थापना की। इस कंपनी की खासियत थी कि यह ब्रिटेन में छोटे स्तर के कारोबारों में निवेश के लिए काफी सहायक थी।

ऋषि सुनक की ‘अमीर’ ससुराल :-

ऋषि सुनक ब्रिटेन के ऐसे नेता हैं, जिन्हें अमीर ससुराल होने की वजह से भी निशाने पर ले लिया जाता है। दरअसल, ऋषि सुनक की शादी इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता से हुई है।

दोनों की मुलाकात स्टैनफोर्ड में MBA Course के दौरान हुई थी। बाद में दोनों ने शादी कर ली। ऋषि और अक्षता के दो बेटियां भी हैं, जिनके नाम कृष्णा और अनुष्का हैं।

ऋषि सुनक की राजनीति में एंट्री :-

ब्रिटेन के सबसे अमीर सांसदों में शामिल ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक साल 2015 में पहली बार ब्रिटेन की संसद में पहुंचे थे। ऋषि सुनक ने यॉर्कशर के रिचमंड से जीत हासिल की थी। ऋषि सुनक BRAXIT का समर्थन करने वाले नेताओं में से एक थे, जिस वजह से राजनीति में उनका कद तेजी से बढ़ता रहा।

ऋषि सुनक ने पूर्व प्रधानमंत्री टेरिजा मे की कैबिनेट में जूनियर मिनिस्टर का पद भी संभाला है। इसके बाद साल 2019 में बोरिस सरकार में ऋषि सुनक ब्रिटेन के वित्त मंत्री का कार्यभार भी संभाल चुके हैं।

कोरोना काल में खूब चर्चे में रहे ऋषि सुनक :-

ऋषि सुनक बोरिस सरकार में काफी लोकप्रिय मंत्री रहे। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता था कि जब भी सरकार की कोई प्रेस ब्रीफिंग होती थी तो अक्सर वे भी चेहरे के तौर पर नजर आते थे। कोरोना काल में ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति को ठीक रखने के पीछे भी ऋषि सुनक की तारीफ भी की जाती हैं।ऋषि की मेहनत का नतीजा था कि कोरोना काल में भी सभी वर्ग के लोग उनके कामकाज से पूरी तरह खुश थे।

कोरोना काल में ही ऋषि सुनक की नीतियों की वजह से लोगों की मजदूरी नहीं घटी, जिसका फायदा भी काफी लोगों को पहुंचा और ऋषि और ज्यादा लोगों के चहेते बन गए।

वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें।

https://youtu.be/4mWdzoTcQqM

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