जो बच्चा 3 साल पहले सड़क पर मिला…वो अमेरिका जाएगा: अमेरिकन दंपती ने पटना से लिया गोद, नए माता-पिता डॉक्टर हैं

जो बच्चा 3 साल पहले सड़क पर मिला…वो अमेरिका जाएगा: अमेरिकन दंपती ने पटना से लिया गोद, नए माता-पिता डॉक्टर हैं पटना की सड़क पर लावारिस मिले एक 3 साल के बच्चे को अमेरिकी दंपती ने गुरुवार को दानापुर में गोद लिया है। अब उस लावारिस बच्चे का परवरिश विदेश में होगा। दानापुर के अनुमंडल पदाधिकारी ने इसके लिए अपनी सहमति दी है।

सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अमेरिका से आए दंपती ने लावारिस बच्चे के पासपोर्ट के लिए गुरुवार को ऑनलाइन आवेदन अप्लाई किया है। बच्चे का पासपोर्ट मिलते ही अमेरिका से आए डॉक्टर कर्निल रे मिलर और उनकी पत्नी कैथरिन सुलिवान मिलर उसे लेकर विदेश के लिए रवाना होंगे।

3 साल पहले मिला था बच्चा

तीन साल पूर्व विक्रम थाना के भादवा गांव से दानापुर की एक निजी संस्था ने एक लावारिस बच्चे को अपनाया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्चे के परिजन का पता नहीं चला तो संस्था की ओर से बच्चे का पालन पोषण शुरू किया गया। इस बीच गुरुवार को अमेरिका से आए डॉक्टर दंपती ने उस लावारिस बच्चे को गोद लेने की इच्छा जाहिर की।

सभी कागजी प्रक्रिया पूरी हुई

संस्था की ओर से इसकी सूचना दानापुर अनुमंडल पदाधिकारी को दी गई। सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी प्रदीप सिंह ने इसके लिए अपनी सहमति जताई। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अमेरिका से आए डॉ दांपती ने बच्चे को पासपोर्ट बनाने के लिए उसकी ऑनलाइन आवेदन अप्लाई किया है। 1 से 2 दिनों के अंदर पासपोर्ट प्राप्त होते ही बच्चे को अपने साथ लेकर अमेरिका चले जाएंगे।

संस्था की सविता कुमारी ने बताया कि अमेरिका के डॉक्टर कर्निल रे मिलर ने अपनी पत्नी के साथ गुरुवार को लावारिस बच्चे अर्जित कुमार को अपने साथ ले की सभी प्रक्रिया पूरी कर ली है। पासपोर्ट प्राप्त होते ही वह अपने साथ बच्चे को लेकर अमेरिका जाएंगे। वहीं उसका पढ़ाई लिखाई और पालन-पोषण भी करेंगे।

गोद लेने से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए विग्नेश-नयनतारा पेरेंट बनते ही परेशानी में घिरे : लाखों बच्चे अनाथ, यशोदा बनने को तैयार मांएं, पर कानूनी दांव-पेंच में लगते हैं सालों

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में देश में बच्चा गोद लेने की लंबी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा है कि कोई भी युवा कपल बच्चा गोद लेने के लिए 3-4 साल का इंतजार नहीं कर सकता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में देश में बच्चा गोद लेने की लंबी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा है कि कोई भी युवा कपल बच्चा गोद लेने के लिए 3-4 साल का इंतजार नहीं कर सकता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में देश में बच्चा गोद लेने की लंबी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा है कि कोई भी युवा कपल बच्चा गोद लेने के लिए 3-4 साल का इंतजार नहीं कर सकता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कहा है। देश में लाखों की संख्या में अनाथ बच्चे हैं और हैरत की बात यह है कि ऐसे बच्चों को गोद लेने के इच्छुक मां-बाप और सिंगल मदर, सिंगल फादर की संख्या भी बहुत है। मगर समस्या देश में कानूनी तौर पर गोद लेने लंबी प्रक्रिया का होना है। बच्चा गोद लेने वाले लोगों को कानूनन मां-बाप बनने के लिए 3 से 4 साल का वक्त लगना बहुत ज्यादा होता है।

आइए, सबसे पहले सरोगेसी और गोद लेने से जुड़े इन दो केस पर गौर करते हैं।

केस-1

साउथ इंडस्ट्री के जाने-माने स्टार कपल एक्ट्रेस नयनतारा और डायरेक्टर विग्नेश शिवन इसी साल 9 जून को शादी के बंधन में बंधे और फिर महज 4 महीने के अंदर दो जुड़वा बच्चों के माता-पिता भी बन गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने फैंस को यह खुशखबरी देकर चौंका दिया था। मगर दोनों स्टार्स के फैंस, सोशल मीडिया यूजर्स और यहां तक कि राज्य सरकार को उनका इतनी जल्दी पेरेंट्स बन जाने का राज क्या था, समझ नहीं आया। आखिरकार, बात खुली तो पता चला कि दोनों सरोगेसी के जरिए माता- – पिता बने हैं। लेकिन सरोगेसी को लेकर वे जल्दी ही विवादों में घिर गए। क्योंकि भारत में सरोगेसी 2021 से प्रतिबंधित है। मामले की गंभीरता को समझते हुए तमिलनाडु सरकार ने इसकी जांच के लिए पैनल बनाया। पैनल ने गुरुवार यानी 27 अक्टूबर को कपल को क्लीन चिट देते हुए कहा कि इस मामले में सरोगेसी का कोई नियम नहीं तोड़ा गया है। पैनल की जांच की रिपोर्ट में पाया गया है कि सरोगेट मां ने कानून प्रतिबंधित होने से पहले 2021 में नयनतारा और विग्नेश के साथ एग्रीमेंट किया था। जबकि, इस साल मार्च में बच्चों के सरोगेट महिला के भ्रूण में रखा गया। इस तरह अक्टूबर में बच्चों का जन्म हुआ। सरकार से क्लीन चिट पाने के बाद विग्नेश ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने मेंटल पीस की बात कही है। पैनल की जांच के दौरान पता चला है कि कपल ने साल 2016 में ही कोर्ट मैरिज कर ली थी। इतना ही नहीं कपल ने सरोगेसी नियम में बदलाव के पहले अपना सरोगेसी प्रोसेस शुरू कराया था। इस वजह से उन पर सभी आरोप निराधार साबित हुए।

73 सालों में पहली बार मनाया जाएगा Supreme Court का स्थापना दिवस

शनिवार यानी आज 4 फरवरी को पहली बार भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का स्थापना दिवस मनाया जाएगा।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंगापुर के न्यायाधीश जस्टिस सुंदरेश मेनन को बुलाया गया है।

मशहूर प्लेबैक सिंगर वाणी जयराम का निधन, हाल ही में पद्म भूषण से किया गया था सम्मानित

मशहूर प्लेबैक सिंगर वाणी जयराम का निधन, हाल ही में पद्म भूषण से किया गया था सम्मानित

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

BEST DEALS

Most Popular