दांतारामगढ़ सहकारी समिति में पहली बार भाजपा समर्थकों की जीत: 64 साल में पहली बार जीते, लॉटरी से हुआ फैसला

दांतारामगढ़ सहकारी समिति में पहली बार भाजपा समर्थकों की जीत: 64 साल में पहली बार जीते, लॉटरी से हुआ फैसला सीकर के दांतारामगढ़ ग्राम सेवा सहकारी समिति में हुए चनाव में 64 साल के इतिहास में पहली बार भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। इससे पहले यहां हमेशा कांग्रेस प्रत्याशी ही चुनाव जीते हैं।

अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशी हनुमान गढ़वाल व उपाध्यक्ष पद के लिए चांद कुमावत ने जीत दर्ज की। दरअसल ग्राम सेवा सहकारी समिति दांतारामगढ़ की स्थापना 10 जनवरी 1959 को हुई थी। जिसके बाद से लेकर आज तक कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी का ही कब्जा रहा है । लेकिन स्थापना के बाद 64 वर्षो में पहली बार भाजपा समर्थित प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशी हनुमान गढवाल व भाजपा समर्थित प्रत्याशी से चांद कुमावत तथा कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शिव कुमार व उपाध्यक्ष पद के लिए किरण वर्मा खड़े हुए थे । इन सभी को 6-6 वोट मिले । निर्वाचन अधिकारी हरेन्द्र सिंह ने बाद में स्कूली बच्चे से लॉटरी निकलवाई | जिसमें अध्यक्ष पद के लिए हनुमान गढ़वाल व उपाध्यक्ष चांद कुमावत के नाम की लॉटरी निकली। जिसके बाद दोनो जीते हुए प्रत्याशियों का डीजे के साथ पूरे गांव में जुलूस निकाला गया। पहली बार जीत के बाद भाजपा में खुशी का माहौल है ।

गरीब हूं, इसलिए जर्मनी नहीं जा सका….. नेशनल बॉडी बिल्डर बोला- मम्मी- पापा, भाई ने बहुत कोशिश की; पैसे नहीं जुड़ पाए

काश! आज मेरे पास भी रुपए होते, तो मैं जर्मनी में भारत का नाम रोशन कर रहा होता, लेकिन मेरी बदकिस्मती है कि मैं गरीब हूं और मेरी मेहनत को देखने वाला कोई नहीं है।

यह दर्द नेशनल बॉडी बिल्डर संजू का है। संजू ने हाल ही में मध्यप्रदेश को रेप्रेजेंट करते हुए बेंगलुरु में गोल्ड मेडल जीता। इसी के बाद उनका सिलेक्शन इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग टूर्नामेंट में जर्मनी के लिए हुआ। पैसों का इंतजाम नहीं होने की वजह से वे जर्मनी नहीं जा सके। जबलपुर के संजीवनी नगर में रहने वाले बॉडी बिल्डर संजू के पिता मजूदर हैं। बड़ा भाई ऑटो चलाता है, सबसे छोटा प्राइवेट जॉब करता है। खुद संजू सुबह एक जिम में ट्रेनिंग देते हैं और फिर दिन भर ऑटो चलाते हैं।

बॉडी बिल्डर संजू लोधी ने कहा, मुझे मलाल है कि अगर काश मेरे पास पैसे होते तो आज जर्मनी में इंडिया का नाम रोशन कर रहा होता ।

आगे उन्हीं से जानते हैं….

मुझे शौक था कि बॉडी बिल्डिंग करना है, पर इस बीच गरीबी सामने आ गई, न ही आराम करने को मिलता था और न ही अच्छी डाइट मिलती थी। घर पर जो रूखा-सूखा मिल जाता था, वही खाकर जिम जाना शुरू किया। कड़ी मेहनत और गुरु के आशीर्वाद ने कुछ ही सालों में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंचा दिया। जल्द ही इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जाने का मौका भी मिला, पर इतने पैसे नहीं हो पाए कि मैं जर्मनी तक जा सकता। जर्मनी जाने का खर्च एक से डेढ़ लाख रुपए तक हो रहा था। मुझे जर्मनी भेजने के लिए मेरे माता-पिता, भाई और गुरु ने बेहद प्रयास किया, पर उतने रुपए नहीं जोड़ पाए, जितनी की जरूरत थी। ऐसे में अब मुझे मलाल है कि अगर काश मेरे पास रुपए होते, तो आज जर्मनी में मैं भारत का नाम रोशन कर रहा होता।

जिला प्रशासन और राज्य सरकार अगर मुझे आर्थिक मदद करती है, तो फिर आने वाले समय में मैं और मेहनत करते हुए मध्यप्रदेश और भारत का नाम विदेश में रोशन करूंगा।

73 सालों में पहली बार मनाया जाएगा Supreme Court का स्थापना दिवस

शनिवार यानी आज 4 फरवरी को पहली बार भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का स्थापना दिवस मनाया जाएगा।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंगापुर के न्यायाधीश जस्टिस सुंदरेश मेनन को बुलाया गया है।

मशहूर प्लेबैक सिंगर वाणी जयराम का निधन, हाल ही में पद्म भूषण से किया गया था सम्मानित

मशहूर प्लेबैक सिंगर वाणी जयराम का निधन, हाल ही में पद्म भूषण से किया गया था सम्मानित

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

BEST DEALS

Most Popular