पापा मैं 25 की हूं, फैसले खुद ले सकती हूं: तब श्रद्धा घर छोड़कर चली गई थी; पिता बोले- बात मान लेती तो जिंदा होती

पापा मैं 25 की हूं, फैसले खुद ले सकती हूं: तब श्रद्धा घर छोड़कर चली गई थी; पिता बोले- बात मान लेती तो जिंदा होती श्रद्धा मर्डर केस में एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। 26 साल की लड़की को उसके लिव-इन पार्टनर ने किस बेरहमी से मारा और फिर उसके शरीर के 35 टुकड़े कर दिए, यह कहानी अपने आप में दिल दहलाने वाली है। लेकिन इसमें सबसे दुखद पहलू श्रद्धा के पिता का है। उन्हें इस बात का अफसोस है कि उनकी बेटी ने प्यार में जिद के चलते उनकी बात नहीं मानी। अगर मान ली होती तो आज वह जिंदा होती।

श्रद्धा के पिता की जुबानी सुनिए पूरी कहानी…. बेटी को बहुत समझाया, पर वो नहीं मानी; जिद करती रही कि मैं अपने फैसले खुद लूंगी

श्रद्धा के पिता विकास मदन वॉकर बताते हैं, ‘श्रद्धा और आफताब के रिलेशनशिप के बारे में परिवार को 18 महीने बाद पता चला। श्रद्धा ने अपनी मां से साल 2019 में कहा था कि वो आफताब के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में है। इसका मैंने और मेरी पत्नी ने विरोध किया था। तब श्रद्धा नाराज हो गई और उसने कहा कि मैं 25 साल की हो गई हूं। मुझे अपने फैसले लेने का पूरा हक है। मुझे आफताब के साथ लिव इन में रहना है। मैं आज से आपकी बेटी नहीं । यह कहकर वो घर से जाने लगी, तो मेरी पत्नी ने काफी मिन्नतें की। मगर, वो नहीं मानी और आफताब के साथ चली गई। हमें उसके दोस्तों से ही उनकी जानकारी मिल पाती थी। श्रद्धा के इस फैसले से उसकी मां को गहरा सदमा लगा। वे अक्सर बीमार रहने लगीं। 2021 में उनकी मौत हो गई। मां की मौत के बाद श्रद्धा ने मुझसे एक-दो बार बातचीत की थी। तब उसने बताया था कि आफताब के साथ उसके रिश्ते में कड़वाहट आ गई है।

उस दौरान वह एक बार घर भी आई और बताया कि आफताब उसके साथ मारपीट करता है। तब मैंने उसे वापस घर आने को कहा था। मगर, आफताब के मनाने पर वह उसके साथ चली गई।

श्रद्धा के दोस्त ने बताया था कि उसका फोन बंद है, तब हमने पुलिस में शिकायत की

विकास ने आगे बताया, ‘श्रद्धा के जाने के बाद मुझे उसके दोस्तों शिवानी माथरे और लक्ष्मण नडार ने बताया कि श्रद्धा और आफताब के रिश्ते अच्छे नहीं हैं। आफताब उसे मारता पीटता है। मैं उसे कई बार समझा चुका था, लेकिन उसने कभी मेरी बात नहीं मानी इसलिए मैंने उससे बात नहीं की। इसी बीच 14 सितबंर को मेरे बेटे श्रीजय को लक्ष्मण ने फोन करके बताया कि श्रद्धा का फोन दो महीने से बंद है। अगले दिन जब मैंने बेटे से बात की तो उसने मुझे श्रद्धा का फोन बंद होने की बात बताई। तब मैंने लक्ष्मण से बात की और महाराष्ट्र के मानिकपुर थाने में श्रद्धा के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पता चला कि श्रद्धा आफताब के साथ दिल्ली में रह रही है। इस पर हमने दिल्ली के महरौली थाने पहुंचकर आफताब के खिलाफ बेटी के अपहरण की FIR दर्ज कराई।’

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पुलिस ने मंगलवार को बताया कि आफताब से कत्ल के में जो भी पूछा जाता है, वह उसके बारे में अंग्रेजी में जवाब देता है। ऐसा नहीं है कि उसे हिंदी नहीं आती, पर वो अंग्रेजी में ज्यादा कम्फर्टेबल है। उसने कुबूल किया- Yes i killed her…

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