भारत के पुरुषों में 2021 में 45 वर्ष से अधिक उम्र में अधिक पाई जाने वाली बीमारी प्रॉसटेट ग्रांथि

इसका वजन 18 ग्राम होता है, लेकिन इसका वजन 30 से 50 ग्राम होने पर प्रोस्टेट कैंसर हो जाता है।अभी तक इसके बढ़ने के कारणों का पता नहीं लगा पाएयह सिर्फ पुरुषो की होता है क्योंकि पुरुषों के अंतर्गत प्रोस्टेट ग्रांथ होते है जिससे प्रोस्टेट कैंसर होता है
जिस तरह महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर अधिक देखने को मिलता हैठीक उसी तरह पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर देखने को मिलता है प्रोस्टेट ग्रांथ अखरोठ के प्रकार की एक गाथ होती है यह ग्रांथ शुक्रणाओं को एनर्जी और फोरस करती है शुक्रणाओं को प्रेस्टोटे कैसर मे बदलती है

प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआत

प्रोस्टेट कैंसर शुरुआत मे पीयूष ग्राथ में ही रहता है वह इसका सही समय पर इलाज ने किया जाए उसके आसपास के हिस्सों को प्रभावित करता है

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण

जिन पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर बनने की शुरू होती है, उनमें शुरुआती दौर में कुछ खास तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं। इन लक्षणों को समझकर यदि सही समय पर इस बीमारी का इलाज कराया जाए तो जान गवाने का खतरा खत्म होता है।
1.पुरुषों को कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द होता है। यह दर्द लगातार बना भी रह सकता है।

2.यूरिन पास करते समय इस बात का अहसास होता है कि उनके यूरिन की धार कम हो रही है वह अधिक दर्द महसूस होता है

3.प्रोस्टेट कैंसर के कारण पेशाब करते समय दिक्कत होती है। दर्द, तेज चुभन

पीयूष ग्रंथि में कैसर क्यो होता है

पीयूष ग्रंथि में कैंसर कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। लेकिन इसमें मोटापा और अनुवांशिक तौर पर होने के कारण अधिक होते हैं।
जिसके परिवार में पहले से किसी को हुआ उसे अपना चेकाप करवाते रहना चाहिए
क्योंकि कैंसर ऐसे लोगों में होने का अधिक खतरा होता है

प्रोस्टेट कैंसर से बचने के तरीके

ज्यादातर बीमारियों से बचने के लिए जिन उपायों की सलाह दी जाती है, प्रोस्टेट कैंसर के मामले में भी वही नियम लागू होते हैं।
ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें। कम से कम फास्ट फूड खाएं।

अधिक मैदा और चीनी युक्त पदार्थ लेने से बचें
रात को खाना सोने से २ घंटे पहले खाए ब खाना खाके कुछ देर टहले

प्रोस्टेट ग्लैंड का आयुर्वेदिक इलाज

1.अगर ऊपर बताए गए लक्षण आप महसूस कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आपकी स्थिति के आधार पर ही आपके डॉक्टर आगे की चिकित्सा का निर्णय करेंगे

2.डॉक्टर इस रोग के लिए कुछ जांच करते हैं। इनमें डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन, प्रॉस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन,बायॉग्रफी, अल्ट्रासोनोग्रफी जैसे टेस्ट शामिल है
3.गिलोय और एलोवेरा 20-25 एमएल व्हीट ग्रास, 4-5 इंच गिलोय, 25-50 एमएल एलोवेरा, 11-21 तुलसी की पत्तियां, 7-11 पत्तियां नीम नीम की लेकर इसका काढ़ा बना लें

4.लौकी

5.पत्थरचट्टा

6.मक्के के रेशें

प्रोस्टेट योगासन

योगमुद्रासन
अर्धमत्येंद्रासन
वक्रासन
गोमुखासन
भुजंगासन
उत्तानपादासन
स्थित कोणासन
चक्की आसन

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