महंगाई के असली कारण क्या है ?महंगाई को कम करने हेतु सरकार को कौनसे कदम उठाने चाहिए। ❓️

.

महंगाई के असली कारण क्या है

उत्तर:-

  1. रिजर्व बैंक व बैंको का भ्रष्टाचार:- पिछले साल भारत मे मुद्रा आपूर्ति(M3) 175 लाख करोड़ थी जो वर्तमान में 193 लाख करोड़ हो गई।

मतलब लगभग देश मे 10% पैसे की मात्रा बढ़ गई।

अब इस दरम्यान देश की जीडीपी 7 % घट गई।

तो इससे कुल महंगाई 17% साल की बढ़ेगी।

महंगाई की मार सरकारी नीतियों के कोड़े से निकलती है | न्यूज़क्लिक

समझते है कैसे?

स्थिति 1

कोई गाँव है उसमें 100 लोग रहते हैं।उस गाँव के सब लोगों के पास पैसा है 1लाख रुपये।

अब गाँव मे कुल गेंहू का उत्पादन होता है 100 क्विंटल।(जीडीपी)

शेष कुछ भी पैदा नहीं होता है तो गेंहू की प्राइस होगी 1000 रुपये / क्विंटल।

स्थिति 2

अब अगले वर्ष गाँव मे पैसे की मात्रा बढ़कर 1लाख 10 हजार हो गयी।

इस वर्ष गेंहू का उत्पादन होता है 110 क्विंटल(जीडीपी 10% बढ़ गई)

तब भी गेंहू के प्राइस 1000 रुपये/क्विंटल रहेगी।

मतलब जितनी पैसे की मात्रा बढ़ी उतनी जीडीपी बढ़ गयी तो कीमते स्थिर रहेगी।

स्थिति 3

अब यदि अगले वर्ष गाँव मे पैसे की मात्रा बढ़कर 1 लाख 10 हजार हो जाये
और गेंहू का उत्पादन 93 क्विन्टल (जीडीपी)हो जाये तब क्या होगा।

मतलब पैसा ज्यादा उत्पादन कम होगा तो जाहिर है कि गेंहू के प्राइस बढेंगे।
तब गेहूं के प्राइस= पैसे की कुल मात्रा/ कुल उत्पादन= 110000/93= 1182 रुपये /क्विन्टल हो जाएगा।

हमारे देश के साथ ऐसा ही हुआ।

पैसे की मात्रा रिजर्व बैंक व बैंको ने बढ़ा दी लेकिन देश का उत्पादन कम हो गया तो जाहिर सी बात है कि महंगाई बढ़नी ही थी।

कमरतोड़ महंगाई पर निबंध - निबंध | निबंध लेखन | Essay in Hindi | Hindi  Nibandh | Hindi Paragraph

.

उपरोक्त केस में सबका पैसा बढ़ता तो महंगाई का असर नहीं पड़ता लेकिन हुआ यह कि बैंको ने लोन के रूप में 1% अमीरों को पैसा दे दिया,जिससे गांव में कुल पैसे की मात्रा तो बढ़ गयी लेकिन बाकी सबके 99% पास पैसा नहीं आया तो उन्हें लगता है कि महंगाई बढ़ गयी जो वास्तविक ही है जो गेंहू की बोरी 1000 रुपये में मिलती थी वो अब 1180 में मिलने लग गयी।

.
बैंक व रिजर्व बैंक नया पैसा आवश्यकता से ज्यादा इसलिए बनाते है क्योकि उन्हें मित्रों को मुफ्त में लोन देकर माफ करना होता हैं।

.

समाधान:- जुरीकोर्ट, रिजर्व बैंक गर्वनर पर वोट वापसी।
बैंक बिना गारंटी के लोन न दे।

2.जमीन की कीमते:- भ्रष्टाचार का ज्यादातर पैसा जमीनों में जाता है जिससे जमीनों की कीमते बढ़ती है।जमीनों की कीमते ज्यादा होती है तो दुकान/फैक्टरी का किराया ज्यादा होगा,अब ये दुकान /फैक्टरी का ज्यादा किराये का भार आख़िरत कस्टमर पर पड़ता है जिससे महंगाई बढ़ती है।

समाधान:- रिक्तभूमिकर ,व्यक्ति की जीने लायक जमीन को छोड़कर अतिरिक्त भूमि के मार्केट रेट का 1% टैक्स ठोक दो।

इससे क्या होगा कि जिसके पास मीलों की मील जमीन है उन पर1% टैक्स भी बहुत भारी पड़ेगा इसलिए वे बेचना शुरू करेगा,खरीदने वाला भी जमीन आवश्यकता से ज्यादा नहीं रखेगा क्योकि उसे पता है कि अतिरिक्त जमीन पर 1% टैक्स आएगा ,तो जमीन की कीमते धड़ाम से 10 गुणा तक कम जो जाएगी।

जिससे किराया कम होगा, ज्यादा फैक्टरीज लगेगी,कॉम्पटीशन होगा,जिससे महंगाई कम होगी।

3.GST समेत जितने भी अप्रत्यक्ष कर:- किसी वस्तु की कीमत 100 रुपये है यदि उस पर GST 12% है तो वो कस्टमर को 112 रुपये में मिलेगी तो ये 12 रुपये कस्टमर को देने पड़ते हैं।

पेट्रोल डीजल पर टैक्स हटा दे तो 35रुपये लीटर मिलना शुरू हो जाये।

तो वस्तु व सेवाओ पर जितने भी कर होते हैं वे ज्यादा महंगाई के कारक होते हैं उनका भार अंतत कस्टमर पर पड़ता है।

समाधान:-GST समेत जितने भी अप्रत्यक्ष कर है उन्हें हटाकर सिर्फ रिक्तभूमिकर व आयकर ही रखे।

सरकार को जितने पैसे की आवश्यकता है वो सिर्फ इन दो करो से ही वसूल करें।

महंगाई की मार - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
  1. भ्रष्टाचार:- मान को कोई फैक्टरी है उसे सरकारी अफसर परेशान नहीं करे इसलिए उसका मालिक प्रत्येक डिपार्टमेंट को टुकड़े डालता है,जिससे उसे अपने प्रोडक्ट की कीमत बढ़ानी पड़ती है जिसका भार अंततः कस्टमर पर पड़ता हैं।

मेरे अनुसार भारत के लोग टैक्स के अलावा जीडीपी का 10 से 12% पैसा रिश्वत के रूप में देते हैं जिसका भार अंतत आम नागरिकों पर पड़ता हैं।

समाधान:- भ्रष्टाचार खत्म करने के लिये जुरीकोर्ट कानून

…..

यदि इतना हो जाता है तो जमीन सस्ती हो जाएगी,धंधा करना आसान हो जाएगा,कोई सरकारी कर्मचारी बेवजह परेशान नहीं करेगा,बिज़नेसमेन को बेवजह की सरकारी कर्मचारियों की जी हुजूरी नहीं करनी पड़ेगी, भारत मे बहुत से नए उधोग धंधे खुलने लग जाएंगे जिनमे बहुत से लोगों को रोजगार मिलने लग जायेगा।
उनमें आपस मे कॉम्पटीशन होगा तो वे बेहतर व सस्ती चीजे हमे उपलब्ध करवाने में सक्षम हो जाएंगे।निम्न व मध्यम वर्ग की आय में बढ़ोतरी होगी।

देश की जीडीपी बढ़ जाएगी प्रति व्यक्ति आय बढ़ जाएगी,महंगाई कम हो जाएगी।

कांग्रेस शासन में महंगाई ने तोडी कमर - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
महंगाई के असली कारण क्या है

……..

तो मेरे अनुसार हमे इस प्रकार से लेटर लिखना चाहिए कि

माननीय प्रधानमंत्री जी,

निम्न व मध्यम वर्ग महंगाई से पीड़ित हैं इसलिए महंगाई कम करने के लिये निम्न कदम उठाए।

महंगाई के असली कारण क्या है

  1. निजी बैंको का राष्ट्रीयकरण करके रिजर्व बैंक गर्वनर को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लावो।
    2.GST समेत जितने में कर है उन्हें समाप्त करके #रिक्तभूमिकर कानून लागू करो,सरकार को जितना भी पैसा चाहिए ,रिक्तभूमिकर व आयकर से वसूल करो।
    3.भ्रष्टाचार को खत्म करने हेतु #जुरीकोर्ट कानून छापो। भवदीय
    आपका नाम
    शहर का नाम

Also Read:- Non-Violence (Ahimsa)

अब ट्रेन मे सफर के दौरान Whattsapp से Order करके मगाए खाना

अब आप ही सोचिए अगर ट्रेन में ही अच्छा खाना मिल जाए तो इससे बेहतर क्या हो सकता है|

अब खुलेआम घूम रहे पशुओं से मिल जाएगा छुटकारा और नहीं होगी 1 भी फसल बर्बाद

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान आवारा पशुओं का मामला बड़ा मुद्दा बना था।
Bindesh Yadavhttps://untoldtruth.in
I'm Bindesh Yadav A Advance information security expert, Android Application and Web Developer, Developed many Website And Android app for organization, schools, industries, Commercial purpose etc. Pursuing MCA degree from Indira Gandhi National Open University (IGNOU) and also take degree of B.Sc(hons.) in Computer Science from University of Delhi "Stop worrying what you have been Loss,Start Focusing What You have been Gained"

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

BEST DEALS

Most Popular