मुलायम की सीट पर शिवपाल लड़ सकते हैं चुनाव: बोले- पार्टी कहेगी तो मैनपुरी से चुनाव लडूंगा, परिवार में जो दिख रहा वही सही

मुलायम की सीट पर शिवपाल लड़ सकते हैं चुनाव: बोले- पार्टी कहेगी तो मैनपुरी से चुनाव लडूंगा, परिवार में जो दिख रहा वही सही प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (प्रसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने मैनपुरी लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ने का इशारा किया है। शिवपाल यादव ने कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो वह मैनपुरी उपचुनाव लड़ेंगे। मीडिया ने जब उनसे पूछा कि परिवार पॉलिटिकल एकजुट नहीं दिख रहा है। इस पर शिवपाल ने कहा, ‘जो दिख रहा, वही समझिए । ‘ उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि सैफई परिवार एकजुट हो जाए।

बता दें कि समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट रिक्त हो गई है। यहां पर जल्द ही उपचुनाव कराए जाने हैं। गुरुवार को शिवपाल यादव पूर्व राज्य मंत्री सीपी राय के आवास पर शोकसभा में शामिल होने पहुंचे थे। मीडिया ने उनसे सवाल पूछा कि चर्चा है कि सपा से तेजप्रताप यादव मैनपुरी से चुनाव लड़ सकते हैं। इस पर शिवपाल ने कहा कि यह तो राजनीतिक मामला है, कौन लड़ेगा कौन नहीं। उन्होंने कहा, “भले ही मैं पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं, लेकिन पार्टी के अंदर बोर्ड होता है, वह चुनाव लड़ने की सहमति देगा तभी चुनाव लडूंगा।”

उन्होंने रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में हार का जिम्मेदार पार्टी को बताते हुए कहा कि सपा से पूछिए वो क्यों हार रही है। लोकसभा चुनावों में सपा में प्रसपा के विलय पर शिवपाल ने कहा, “सारी चीजें भविष्य की हैं। जैसी परिस्थितियां होंगी, वैसा ही निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है । ” ।” शिवपाल यादव ने कहा कि वह देश और प्रदेश की सोच रहे हैं।

निकाय चुनाव में प्रत्याशी उतारेगी

प्रसपा कालिंदी विहार में कृष्णा मैरिज होम में प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान निकाय चुनाव को लेकर उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से पार्षद पद के लिए पार्टी अपने प्रत्याशी उतारने की बात कही। उन्होंने कहा कि महानगर में अच्छे प्रत्याशियों को तलाश कर उनको चुनाव लड़ाया जाए। साथ ही मेयर पद के प्रत्याशी के लिए भी उन्होंने जुझारू प्रत्याशी तलाशने की बात कही। शिवपाल यादव दिल्ली से आगरा पहुंचे थे। इसके बाद वह इटावा के लिए रवाना हो गए।

कौन हैं तेज प्रताप यादव

तेजप्रताप पहले भी मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं। तेज प्रताप, मुलायम सिंह के बड़े भाई के पोते हैं और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं। हालांकि, अभी तक कुछ फाइनल नहीं हुआ है।

मुलायम सिंह ने मैनपुरी से 1998 में पहली बार लड़ा था चुनाव मुलायम सिंह मैनपुरी सीट से सबसे पहले 1998 में चुनाव लड़ा था और जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। उस दौरान वह देश के रक्षा मंत्री भी बनाए गए थे। 2004 में एक बार फिर इसी सीट से चुनकर लोकसभा पहुंचे थे। 2009-2014 के बीच भी उन्होंने इसी सीट से जीत हासिल की। हालांकि उन्होंने 2014 में यह सीट छोड़ दी और पोते तेज प्रताप सिंह यादव को उम्मीदवार बनाया गया और वह विजयी रहे। मुलायम सिंह पिछले लोकसभा चुनाव में 2019 में मैनपुरी से एकबार फिर चुनाव लड़ा और बीजेपी के प्रेम सिंह शाक्य को 94 हजार से अधिक वोटों से हराया था।

6 साल बाद चुनाव में साथ आए चाचा-भतीजा, फिर अलग हो गए

2015 से चले आ रहे विवादों के बाद 2018 में शिवपाल ने अपनी नई पार्टी बना ली। नाम रखा, “प्रगतिशील समाजवादी पार्टी यानी प्रसपा।” 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव होने थे तो चुनाव में चाचा-भतीजा फिर एक बार साथ आए। शिवपाल सपा के टिकट पर जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़े और जीते भी। लेकिन सपा की हार के बाद फिर से दोनों के बीच दूरियां बढ़ती गईं।

जहां मिले सम्मान वहां जा सकते हैं

सबसे पहले शिवपाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश ने उन्हें विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाया। जबकि वो सपा से विधायक हैं। यहीं से दोनों के बीच बगावत शुरू हो गई। राष्ट्रपति चुनाव में सपा ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन दिया। जबकि शिवपाल यादव ने खुलकर यशवंत का विरोध किया। शिवपाल ने अखिलेश पर उन्हें सम्मान ना देने के भी आरोप लगाए । जिसके जवाब में समाजवादी पार्टी ने एक खुला खत लिखा । इसमें कहा गया, “माननीय शिवपाल सिंह यादव जी, अगर आपको लगता है, कहीं ज्यादा सम्मान मिलेगा तो वहां जाने के लिए आप स्वतंत्र हैं।”

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