मुलायम को बेटे अखिलेश ने मुखाग्नि दी: राजनाथ पवार-खड़गे समेत कई बड़े नेता मौजूद थे; करीबी अनिल अंबानी, सुब्रत राय और अभिषेक बच्चन भी पहुंचे

मुलायम को बेटे अखिलेश ने मुखाग्नि दी: राजनाथ पवार-खड़गे समेत कई बड़े नेता मौजूद थे; करीबी अनिल अंबानी, सुब्रत राय और अभिषेक बच्चन भी पहुंचे मुलायम सिंह यादव का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया। बेटे अखिलेश यादव ने सैफई के मेला ग्राउंड पर उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के लिए मुलायम की पार्थिव देह पहली पत्नी मालती के मेमोरियल के पास बने प्लेटफॉर्म पर रखी गई थी।

राजकीय सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे। कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री भी पहुंचे। बेहद करीबी माने जाने वाले अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन मां जया के साथ पहुंचे। सहारा चीफ सुब्रत राय और उद्योगपति अनिल अंबानी ने भी अंतिम दर्शन किए।

अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे राजनाथ – रामदेव और 2 राज्यों के मुख्यमंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस नेता कमलनाथ, मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद थे। श्रद्धांजलि देने वालों में आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू, भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी और योगगुरु बाबा रामदेव भी थे। इनके अलावा राकांपा चीफ शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, भाजपा सांसद वरुण गांधी, मेनका गांधी, आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी, सहारा के चीफ सुब्रत राय सहारा, स्वामी प्रसाद मौर्य और अभिषेक बच्चन और उद्योगपति अनिल अंबानी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

बारिश के बीच रातोंरात बना प्लेटफॉर्म, पत्नी के मेमोरियल के करीब

मेलाग्राउंड में 5 साल पहले तक सैफई महोत्सव होता था। यहीं मुलायम के अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफॉर्म बनाया गया था। बारिश के बीच 50 मजदूरों ने रातोंरात 30×30 फीट का प्लेटफॉर्म खड़ा किया। यह प्लेटफॉर्म मुलायम की पहली पत्नी मालती देवी के मेमोरियल के करीब ही बनाया गया। मालती देवी की 2003 में मृत्यु हो गई थी।

लाखों कार्यकर्ताओं ने लगाया नारा- नेताजी अमर रहें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में 3 दिन के शोक की घोषणा की है। वे सोमवार को ही सैफई पहुंचे थे और मुलायम के अंतिम दर्शन किए। बिहार में भी एक दिन का राजकीय शोक था। मेदांता में सोमवार सुबह 8:16 बजे निधन के बाद जब ताजी का शव सैफई लाया गया तो घर पर हजारों कार्यकर्ता जमा हो गए। रात से लेकर सुबह तक नारे लगते रहे- नेताजी अमर रहें। फिर सुबह पार्थिव देह मेला ग्राउंड लाई गई ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मुलायम सिंह के अंतिम दर्शन कर सकें। यहां लाखों की तादाद में लोग पहुंचे। मेला ग्राउंड ही नहीं, पूरे सैफई में पैर रखने की जगह नहीं दिखाई दे रही थी ।

गुरुग्राम में सोमवार सुबह हुआ था निधन

मुलायम सिंह यादव ने सोमवार सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। 82 साल के मुलायम सिंह करीब 2 साल से ब्लड प्रेशर और यूरिन इन्फेक्शन जैसी बीमारियों से जूझ रहे थे। मुलायम सिंह यादव 2 साल से बीमार चल रहे थे।

PM नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात के भरुच में जनसभा कर रहे थे। यहां भी उन्होंने सबसे पहले मुलायम सिंह यादव को याद किया। कहा, “मुलायमजी जाना देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है । मेरा मुलायमजी के साथ नाता विशेष प्रकार का रहा। हम दोनों मुख्यमंत्री के तौर पर मिला करते थे, वे भी और मैं भी दोनों के प्रति एक अपनत्व का भाव अनुभव करते थे।

2014 में जब भाजपा ने मुझे प्रधानमंत्री पद के लिए चुना तो मैंने विपक्ष में अपने परिचित लोगों को फोन करके आशीर्वाद लिया था। उस दिन मुलायमजी का वह आशीर्वाद, सलाह के दो शब्द आज भी मेरी अमानत हैं।”

मुलायम दोस्ती में वह इतने भावुक थे कि एक बार उनका दोस्त हवाई चप्पल में पहुंचा, तो उसे राज्य मंत्री बना दिया था। वहीं, उनके साथ पढ़ने वाले बताते हैं कि मुलायम ने पढ़ाई के दौरान कभी अपने नोट्स नहीं बनाए। दोस्त जो नोट्स बनाते थे, उनको वह दोस्तों से सुनकर परीक्षा दे आते थे। नेताजी ने इटावा के केके कॉलेज से ग्रेजुशन किया था। उन्होंने राजनीति शास्त्र में BA और MA किया था।

यूं ही अलग नहीं कहलाते थे मुलायम: परीक्षा छोड़ कुश्ती लड़ते थे, दरोगा को मंच पर पटक दिया था राजनीति में एंट्री करने से पहले मुलायम कुश्ती लड़ते थे। एग्जाम छोड़कर कुश्ती लड़ने चले जाते थे। 1960 में जब मुलायम कॉलेज में पढ़ते थे, तब कवि सम्मेलन के मंच पर दरोगा को एक युवा ने चित कर दिया।

73 सालों में पहली बार मनाया जाएगा Supreme Court का स्थापना दिवस

शनिवार यानी आज 4 फरवरी को पहली बार भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का स्थापना दिवस मनाया जाएगा।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंगापुर के न्यायाधीश जस्टिस सुंदरेश मेनन को बुलाया गया है।

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