लखनऊ हाईकोर्ट में प्रो. विनय पाठक की याचिका पर सुनवाई : भ्रष्टाचार की FIR पर डेढ़ घंटे हुई बहस; कल कोर्ट सुनाएगा फैसला

लखनऊ हाईकोर्ट में प्रो. विनय पाठक की याचिका पर सुनवाई : भ्रष्टाचार की FIR पर डेढ़ घंटे हुई बहस; कल कोर्ट सुनाएगा फैसला

कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की याचिका पर बुधवार को लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। प्रो. विनय पाठक की तरफ से उनके वकील ने करीब डेढ़ घंटे तक बहस की। अब कोर्ट कल इस पर फैसला सुनाएगी। कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक पर कमीशन के लिए बंधक बनाकर रंगदारी वसूली की FIR दर्ज हुई है।

लखनऊ के इंदिरा नगर थाने में दर्ज इस मुकदमे में विनय पाठक के साथ लखनऊ की XLICT कंपनी और प्रिंटिंग प्रेस के मालिक अजय मिश्रा को भी नामजद किया गया है। अजय मिश्रा को STF गिरफ्तार कर चुकी है।

बिल पास करने के एवज में कमीशन मांगी थी यूनिवर्सिटी के एग्जाम पेपर छापना, कॉपी को एग्जाम

सेंटर से यूनिवर्सिटी तक पहुंचाने का पूरा काम XLICT कंपनी करती है। साल 2019 में एग्रीमेंट खत्म हुआ तो डिजिटेक्स टेक्नोलॉजी ने UPLC के जरिए आगरा विश्वविद्यालय का काम किया। साल 2020 से 21 और 2021-22 में कंपनी द्वारा किए गए काम का करोड़ों रुपए बिल बकाया हो गया था। जनवरी 2022 में अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कुलपति का चार्ज विनय कुमार पाठक को मिला तो उन्होंने बिल पास करने के एवज में कमीशन की मांग की। FIR दर्ज कराने वाले डेविड डेनिस ने फरवरी 2022 में कानपुर स्थित विनय पाठक के सरकारी आवास पर मुलाकात की। जहां पर 15% कमीशन की डिमांड रखी गई।

कौन हैं विनय पाठक ?

2 जून 1969 को कानपुर में जन्मे विनय कुमार पाठक ने 1991 में कानपुर के एचबीटीआई से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। 1998 में आईआईटी खड़गपुर से एमटेक किया। 2004 में कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की। लगभग 26 सालों से विनय कुमार पाठक ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों में काम किया। कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में कुलपति बनने से पहले विनय पाठक कई अन्य विश्वविद्यालय में भी कुलपति रहे हैं। सबसे पहले विनय पाठक उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU), हल्द्वानी के 25 नवंबर 2009 से 24 नवंबर 2012 तक कुलपति रहे। उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति बनने के बाद विनय पाठक ने अपने कुलपति का दूसरा कार्यकाल भी ओपन यूनिवर्सिटी में ही जारी रखा। फिर वह 1 फरवरी 2013 को वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी, कोटा के कुलपति रहे। कोटा में विनय पाठक 3 अगस्त 2015 तक कुलपति रहे।

यूपी की बड़ी खबरें: लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट में विवेकानंद डोबरियाल ने किया सरेंडर; निजी सचिव के पद पर रहते हुए बनाई थी अकूत संपत्ति

उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद चेयरमैन के निजी सचिव से रिटायर्ड हुए विवेकानंद डोबरियाल ने एंटी करप्शन कोर्ट लखनऊ में सरेंडर कर दिया। एंटी करप्शन कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। राजस्व परिषद में निजी सचिव रहे विवेकानंद लंबे समय से फरार थे।

विवेकानंद ने सुप्रीम कोर्ट से अरेस्ट स्टे भी लिया था पर समय पूरा होने के बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। विवेचक की लापरवाही से कोर्ट में बरियाल ने आत्मसमर्पण कर दिया |

संपत्ति को डिटेल नहीं दे पाया विवेकानंद डोबरियाल

राजस्व परिषद अध्यक्ष के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद डोबरियाल और उनके दो बेटे और पत्नी की संपत्तियों की जांच पुलिस कर रही है। पुलिस ने नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण से उनकी लखनऊ सीमा में दर्ज संपत्तियों का ब्योरा मांगा था। नगर निगम के सभी आठों जोनल अधिकारियों से विवेकानंद डोबरियाल, उनकी पत्नी संतोष, बेटे समीर और सरल के नाम नगर निगम के अभिलेखों में दर्ज संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी गई। यह जानकारी सहायक पुलिस आयुक्त योगेश कुमार ने मांगी थी।

गाजियाबाद में डेढ़ साल के बच्चे का अपहरण, घर के बाहर खेलते समय संदिग्ध व्यक्ति ने उठाया

गाजियाबाद के कड़कड़ मॉडल इलाके से डेढ़ साल के बच्चे का अपहरण हो गया। ये बच्चा घर के बाहर खेल रहा था। तभी एक व्यक्ति आया और हाथ में पांच रुपए देकर बच्चे को साथ ले गया। लिंक रोड थाना पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी है।

कड़कड़ मॉडल निवासी प्रशांत इंडियन रोल कंपनी में बतौर मशीनमैन तैनात हैं। प्रशांत के दो बच्चे हैं। शाम करीब साढ़े पांच बजे उनका डेढ़ साल का बेटा आरव घर के बाहर खेल रहा था। आरव की मां किरन घर के अंदर झाडू लगा रही थी। मां जब बाहर आई तो बेटे को मौजूद नहीं पाया। आसपास तलाश करने पर पता चला कि एक संदिग्ध व्यक्ति आया था और पांच रुपए देकर बच्चे को अपने साथ ले गया था। ये पूरा वाकया एक पड़ोसी व्यक्ति ने देखा। उस वक्त पड़ोसी को ये लगा कि प्रशांत के रिश्तेदार आए होंगे, इसलिए उन्होंने शक करना मुनासिब नहीं समझा।

73 सालों में पहली बार मनाया जाएगा Supreme Court का स्थापना दिवस

शनिवार यानी आज 4 फरवरी को पहली बार भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का स्थापना दिवस मनाया जाएगा।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंगापुर के न्यायाधीश जस्टिस सुंदरेश मेनन को बुलाया गया है।

मशहूर प्लेबैक सिंगर वाणी जयराम का निधन, हाल ही में पद्म भूषण से किया गया था सम्मानित

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