हालेलुया, हालेलुया… कैंसर तुम्हारे शरीर से भाग गयाः छू कर भूत उतार रहे ईसाई पास्टर, मिलने का खर्च 1.5 लाख तक

हालेलुया, हालेलुया… कैंसर तुम्हारे शरीर से भाग गयाः छू कर भूत उतार रहे ईसाई पास्टर, मिलने का खर्च 1.5 लाख तक सैकड़ों की भीड़। लोग हालेलुया, हालेलुया, शेर-ए-बब्बर यीशु, शेर-ए- बब्बर यीशु के जयकारे लगा रहे हैं। एक महिला बार-बार बेहोश हो रही है। होश आते ही अपने बेटे को घूरती है। कहती है इसको छोडूंगी नहीं। इसके पूरे परिवार को खा जाऊंगी । बर्बाद कर दूंगी। वहीं एक युवक दहाड़ मारकर चीख रहा है। दस-दस लोग मिलकर भी उसे काबू नहीं कर पा रहे।

एक दो नहीं, यहां ऐसे अनगितन लोग हैं। कोई बेसुध पड़ा है। किसी की आंखों की रोशनी चली गई है तो कोई अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा। पास्टर घूम-घूमकर उनके ऊपर हाथ फेर रहे हैं, उनका सिर दबा रहे हैं। उनके छूने से कुछ लोग जमीन पर गिर पड़ते हैं, तो कुछ रोने लगते हैं। ये नजारा है चंडीगढ़ के राजपूत भवन का । इस कम्युनिटी हॉल में हर रविवार सुबह 10 बजे से 1 बजे तक हीलिंग प्रेयर या चंगाई सभा होती है। ईसाइयत में इसे एक्सॉरसिज्म (Exorcism) भी कहते हैं। इसके जरिए पास्टर भूत-प्रेत उतारने के साथ ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को ठीक करने का दावा करते हैं।

पंथ सीरीज में इसी हीलिंग प्रेयर और एक्सॉरिज्म को समझने मैं दिल्ली से 250 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ सेक्टर 24 पहुंची।

रविवार का दिन, सुबह 10 बजे का वक्त। राजपूत भवन खचाखच भरा है। हर कोई पास्टर को छूना चाहता है। उनसे मिलना चाहता है। बीच-बीच में आवाजें आती हैं…. ‘पास्टर मुझे सुनाई नहीं देता, मेरे कान ठीक कर दो।’ ‘मुझे दिखाई नहीं देता मेरी आंखें ठीक कर दो।’ ‘मेरे पापा को कैंसर है, बचा लो। ‘ इसी बीच पास्टर एक महिला के सिर पर हाथ फेरते हैं। वह जोर-जोर से रोने लगती है। पूरा हॉल उसकी चीख से गूंज उठता है। पास्टर कहते हैं, ‘इसके शरीर में दुष्ट आत्मा बसी है। वही इसे तंग कर रही है।’ पास्टर आंख बंद करके कुछ बुदबुदाते हैं। फिर हाथ ऊपर उठाकर बोलते हैं, ‘यीशु के नाम पर छोड़ दो इसे, इसके शरीर से निकल जाओ…हालेलुया, हालेलुया । ‘ कुछ देर बाद महिला शांत हो जाती है।

एयर फोर्स में जॉब करने वाले किशोरी लाल बहुत मुश्किल से चल पा रहे हैं। कहते हैं, ‘मुझे लकवा मार दिया है। शरीर काम नहीं करता है। बोलने में भी दिक्कत होती है। पहले तो और ज्यादा दिक्कत थी । जरा सा भी मूवमेंट नहीं था। पास्टर के छूने से ही चल पा रहा हूं, बोल पा रहा हूं। हर रविवार यहां आता हूं। पास्टर सब ठीक कर देंगे।’ पास्टर पॉल स्टालिन प्रोटेस्टेंट मत के सीनियर पास्टर हैं। भूत-प्रेत और बुरी आत्माओं को शरीर से निकालने और जादू-टोना तोड़ने का दावा करते हैं। प्रोटेस्टेंट मत यानी ईसाई समाज का वो तबका जो कैथोलिक चर्च और उनके पोप को नहीं मानता। 15वीं शताब्दी में जब कैथोलिक चर्च पर शोषण के आरोप लगे तो मार्टिन लूथर ने प्रोटेस्टेंट मूवमेंट शुरू किया। लूथर को अमेरिका का धार्मिक सुधारक माना जाता है। मैं पूछती हूं आपका प्रोसेस क्या होता है?

पास्टर पहले मुझे एक वीडियो दिखाते हैं…. इसमें एक महिला जोर-जोर से चीख रही है। वह कह रही है, ‘मैं इसके शरीर से नहीं जाऊंगी, नहीं जाऊंगी। खा जाऊंगी इसे। इसके पूरे परिवार को खत्म कर दूंगी। सबको मारने आई हूं।’ पास्टर महिला के ऊपर हाथ फेरते हैं, उसका सिर दबाते हैं। कुछ बुदबुदाते हुए हाथ ऊपर करते हैं। फिर महिला से कहते हैं इसके शरीर से निकल जाओ। भूत-प्रेत इसका शरीर छोड़ दो। हालेलुया, हालेलुया । यीशु इसे छू ले। कोई मरेगा नहीं।’

महिला के पास उसका जवान बेटा भी खड़ा है। वो भी बदहवास है। जोर-जोर से चीख रहा है। कुछ लोग उसे मिलकर पकड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन वो काबू में नहीं आता है। इसके बाद पास्टर कहते हैं इसे पवित्र जल पिलाओ। एक व्यक्ति उसे पानी पिलाता है। पास्टर उसके सिर पर हाथ रखते हैं। मन में कुछ बुदबुदाते हुए उसका सिर दबाते हैं। हालेलुया, हालेलुया, यीशु इसे छू ले… बोलने लगते हैं। कुछ देर बाद वो शख्स शांत हो जाता है। पास में ही कुर्सी पर 70-80 साल का एक बुजुर्ग बैठा है। उसकी आंखें बार-बार बंद हो रही हैं। उसे कैंसर है। पास्टर एक हाथ से उसका सिर दबाते हैं और दूसरे हाथ से सीना। फिर बोलते हैं, ‘कैंसर इनके शरीर से निकल जा। वे बार-बार ये शब्द दोहराते हैं। कुछ देर बाद बुजुर्ग आखें खोलता है।

मंदीप सिंह अपनी कहानी सुनाते हैं…. ” मां को कंपकंपी की बीमारी थी। कई डॉक्टरों को दिखाया। कोई फायदा नहीं हुआ। एक दिन मैंने देखा कि आंगन में रखी साइकिल ढलान की तरफ जाने की बजाय ऊपर की ओर खुद चल रही है। अगले दिन मैंने महसूस किया कि घर के सामान खुद-ब-खुद गायब हो रहे हैं। समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। धीरे-धीरे मेरे अंदर बुरी आत्मा बस गई। लोग मुझे पागल कहने लगे। पापा को कैंसर हो गया। कई बार उन्हें अस्पताल ले गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। रातभर आवाजें आती थीं। कोई दरवाजा खटखटाता था, लेकिन बाहर जाकर देखते तो कोई नहीं होता । मेरे पड़ोसी ने एक पास्टर के बारे में बताया। मैं उनसे मिलने चर्च गया। उन्होंने कहा कि आपके घर पर किसी ने काला जादू किया है। इसी वजह से ऐसा हो रहा है। मैं आपके परिवार को बचा लूंगा।

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