हेमंत बोले- मियां-बीवी की प्राइवेट फर्म बन गई है अपना दल: कोरोना में पार्टी ने लोगों से 20 करोड़ वसूले; विधायक कह रहे, 7 करोड़ देकर लिया टिकट

हेमंत बोले- मियां-बीवी की प्राइवेट फर्म बन गई है अपना दल: कोरोना में पार्टी ने लोगों से 20 करोड़ वसूले; विधायक कह रहे, 7 करोड़ देकर लिया टिकट अपना दल (एस) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हेमंत चौधरी इस वक्त अपनी ही पुरानी पार्टी पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। हेमंत का कहना है कि अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष पटेल मियां-बीवी प्राइवेट फर्म चला रहे हैं। राजनीति पटेलों के नाम पर करेंगे, लेकिन गठबंधन में रिजर्व सीटें लेंगे। बाहरी नेताओं को सुबह पार्टी में शामिल करवाया और शाम को टिकट दे दिया।

अनुप्रिया और पल्लवी पटेल के संबंधों पर बात की। नई पार्टी को लेकर अपनी राय जाहिर की । आप यह सब बातें ऊपर लगे वीडियो में देख सकते हैं। बाकी आपके पढ़ने के लिए हम यहां उसे लिख रहे हैं।

सवालः पार्टी छोड़ने का फैसला अचानक लिया या फिर पहले से सोचा हुआ था?

हेमंतः यह फैसला अचानक का नहीं था। पार्टी के लिए 2015 से काम कर रहा था। इसलिए चाहता था कि टिकट मिले, लेकिन नहीं मिला। इससे नाराज भी नहीं हुए। जो पार्टी से नाराज थे, उन्हें भी समझाया। 7 महीने पहले आशीष पटेल से दो बार मिलने गया, लेकिन उन्होंने मिलने से ही मना कर दिया। अनुप्रिया पटेल से मिलने का समय ही नहीं मिला।

सवालः पार्टी में इतने दिन रहे, शुरुआत से अब तक क्या बदलाव हुआ?

हेमंत : डॉ. सोनेलाल पटेल जब तक थे, तब तक अपना दल सही ढंग से चली। अनुप्रिया पटेल और आशीष पटेल के हाथों में जिम्मेदारी आई, तो यह मियां-बीवी की प्राइवेट फर्म के रूप में चलने लगी। हमें उम्मीद थी कि आज नहीं तो कल सब सुधर जाएगा, लेकिन कार्यकर्ताओं को लगातार नजर अंदाज किया जाता रहा।

सवालः राजनीति पटेलों के नाम पर होती है, फिर रिजर्व सीटें क्यों लेती हैं?

हेमंत : प्रदेश में यह सभी जानते हैं कि अपना दल पटेलों की पार्टी है। बीजेपी भी इन्हें जो सीटें देती है, वह पटेलों के नाम पर ही देती है। लेकिन पार्टी आधी सीटें रिजर्व लेकर कहीं न कहीं पटेल वर्ग से गद्दारी कर रही है। इन्होंने यही काम 2017 के विधानसभा चुनाव में किया। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी इन्होंने 2 में रिजर्व चुनी। 2022 के चुनाव में 17 में से 7 रिजर्व सीट ली।

सवालः 17 में से कौन तीन पार्टी के कार्यकर्ता थे?

हेमंत : जीतलाल पटेल, सुनील पटेल, रामनिवास जी पार्टी कार्यकर्ता हैं। इन्हें टिकट दिया गया। लेकिन बाकी के 14 लोगों ने पार्टी के लिए कभी कोई काम नहीं किया। सुबह पार्टी में आए और शाम को उन्हें पार्टी का सिंबल मिल गया।

सवालः आरोप है कि पार्टी में टिकट देने के लिए 7 करोड़ रुपए लिए जाते हैं। शोहरतगढ़ में यह चर्चा ज्यादा है।

हेमंत : पूरे शोहरतगढ़ के प्रधानों ने विधायक विनय वर्मा के खिलाफ दो दिन धरना दिया। प्रधान संघ ने तो साफ कहा, विधायक कह रहे हैं कि मुझे ग्राम सभा से पैसा चाहिए, क्योंकि मैंने 7 करोड़ रुपए खर्च देकर विधायक बना हूं। प्रधानों ने पैसा देने से मना किया तो उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई।

सवालः क्या पार्टी में पैसा लेकर टिकट दिया जाता है?

हेमंतः आप खुद सोचिए, सुबह लोग पार्टी ज्वॉइन कर रहा और शाम को उन्हें पार्टी का सिंबल मिल जा रहा। उसी विधानसभा में पुराने कार्यकर्ताओं को नजर अंदाज किया जा रहा। आखिर उन 14 लोगों में ऐसी क्या खासियत थी जो पार्टी ने उन्हें एक दिन के अंदर टिकट दिया? सवाल तो उठेगा ही ।

सवाल: आप नई पार्टी कब बना रहे?

हेमंत : बस्ती में हमने पिछले दिनों प्रोग्राम किया । पूर्वांचल के बड़े नेता इकट्ठा हुए। सभी के बीच चर्चा हुई कि अनुप्रिया और आशीष पटेल बिरादरी को छल रहे हैं। क्यों न एक पार्टी बनाकर पटेल समाज को आगे ले जाया जाए। अभी विचार चल रहा है, एक दो मीटिंग होगी फिर फैसला लिया जाएगा कि पार्टी बनाई जाए या फिर नहीं बनाई जाए। बाकी अपना दल में 98% कार्यकर्ता अनुप्रिया और आशीष से नाराज हैं। ये लोग सत्ता में हैं इसलिए लोग इनसे जुड़े हैं। आगे हम सभी एक मंच पर आ सकते हैं।

सवालः अपना दल एक करोड़ कार्यकर्ता बनाने का दावा कर रही है, इसमें कितनी सच्चाई है?

हेमंत : सवाल है कि कोरोना के बीच आम जनता की रोजी-रोटी छिन गई थी, सरकार मदद कर रही थी उस वक्त पार्टी लोगों से सदस्यता के लिए पैसे ले रही थी ।

सवालः अपना दल एक करोड़ कार्यकर्ता बनाने का दावा कर रही है, इसमें कितनी सच्चाई है ?

हेमंत : सवाल है कि कोरोना के बीच आम जनता की रोजी-रोटी छिन गई थी, सरकार मदद कर रही थी उस वक्त पार्टी लोगों से सदस्यता के लिए पैसे ले रही थी । पहले तो एक मंत्री थे तब पार्टी में शुल्क 10 रुपए था। अब तो दो मंत्री हो गए तब पैसा बढ़ाकर 20 रुपए कर दिया गया। जबकि कोरोना के बीच कोई भी पार्टी कोई सदस्यता शुल्क नहीं ले रही। लेकिन इन्होंने जनता से 20 करोड़ रुपए लिए। इसका हिसाब-किताब कौन देगा।

सवाल: आपकी लड़ाई किससे है, आशीष से या फिर अनुप्रिया पटेल से?

हेमंत : मेरी लड़ाई इन दोनों की कार्यप्रणाली से है। सोनेलाल पटेल जी जिस विचारधारा को लेकर आगे बढ़े थे उस विचारधारा से ये लोग भटक गए हैं। हमारी लड़ाई उसी विचारधारा को लेकर है।

सवालः मां-बेटी के बीच जो विवाद नजर आता है उसमें कितनी सच्चाई है?

हेमंतः मुझे लगता है कि कोई विवाद ही नहीं। दोनों अंदर से एक हैं। दोनों का अपना एजेंडा है। इनकी मां कृष्णा पटेल सोनेलाल जी की मौत को हत्या बताकर सीबीआई जांच की मांग करती हैं लेकिन अनुप्रिया और आशीष साफ मना कर देते हैं और कहते हैं कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं ।

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