5G नेटवर्क 1 अक्टूबर 2022 से शुरू हो गया? जानें इसकी पूरी डिटेल

सबसे पहली बात करते हैं कब तक आपको 5G सिग्नल मिलेगा। अगर आप दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में रहते हैं, तो आपको सबसे पहले 5G सिग्नल मिलेगा। हालांकि, इस मामले में अलग-अलग ऑपरेटर्स की अलग-अलग प्लानिंग है। 1 अक्टूबर को 5G लॉन्च होते ही 8 शहरों में Airtel यूजर्स को 5G सिग्नल मिलने लगा है। सबसे पहले एयरटेल ने 5G अपने यूजर्स को प्रदान की है। पीएम मोदी ने दिल्ली के प्रगित मैदान में आयोजित इंडियन मोबाइल कांग्रेस (IMC 2022) इवेंट में 5G की लॉन्चिंग की।

इसके बाद भारत विश्व के चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहां 5G सर्विस मौजूद है। 5G सर्विस की शुरुआत दिल्ली से हुई है। लेकिन दिल्ली के साथ ही कुल 13 शहरों में 5G सर्विस एक साथ शुरू होगी। इंडियन मोबाइल कांग्रेस की शुरुआत 1 अक्टूबर 2022 से शुरू हुई है, जो कि 4 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस इवेंट में फ्यूचर 5G भारत की झलक दिखेगी। अर्थात आने वाले टेक्नोलॉजी और उसके इस्तेमाल का डेमो दिया जाएगा।

साल 2023 तक पूरी तरह से मिल सकेगी 5G सर्विस :-

टेलिकॉम सर्विस प्लेटफॉर्म एयरटेल (Telecom Service Platform Airtel और जियो की तरफ से भारत में सबसे पहले 5G सर्विस उपलब्ध कराई जाएगी। जियो का दावा है कि वो साल 2022 के आखिरी तक सभी बड़े शहरों में 5G सर्विस उपलब्ध करा देगी। जबकि साल 2023 तक देशभर में 5G सर्विस शुरू हो जाएगी। जियो की तरफ से सबसे पहले भारत में 5G सर्विस को लॉन्च किया जाएगा। 5G प्राइस की कीमत 4G के मुकाबले 20 से 25 फीसद ज्यादा होंगी। जबकि स्पीड 10 गुना ज्यादा होगी।

सबसे पहले इन शहरों में मिलेगा 5G Service :-

दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, पुणे, जामनगर, गांधीनगर, गुरुग्राम, हैदराबाद, चंडीगढ़, कोलकाता, लखनऊ, और 1 अक्टूबर से 8 शहरों में 5G नेटवर्क शुरू हो गया है। अगर आप दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में रहते हैं, तो आपको सबसे पहले 5G सिग्नल मिलेगा। हालांकि, इस मामले में अलग-अलग ऑपरेटर्स की अलग-अलग प्लानिंग है। 1 अक्टूबर को 5G लॉन्च होते ही 8 शहरों में Airtel यूजर्स को 5G सिग्नल मिलने लगा है।

5G नेटवर्क क्या है और कैसे करेगा काम? :-

भारत में 5G को लेकर चर्चा बड़ी जोरो शोरो से चल रही है (भारत में 5G Spectrum Auction की नीलामी पूरी हो चुकी है और इसमें भारती एयरटेल (Bharti Airtel), वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea), रिलायंस जियो (Reliance Jio) और अडानी डेटा नेटवर्क्स (Adani Data Networks) ने अपनी-अपनी हिस्सेदारी अब तो खरीद ली है।

भारत में 5G लॉन्च की तारीख (5G Launch Date) की अगर बात करें, तो इस साल के अंत तक देश की सभी बड़ी टेलीकॉम कंपनियां इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर देंगी और इसके बाद भारत में लोगों को 4G इंटरनेट से 10 गुना ज्यादा स्पीड वाला 5G इंटरनेट मिलने लगेगा। लेकिन आपके मन में इसे लेकर बहुत सारे सवाल होंगे। जैसे 5G टेक्नोलॉजी क्या है? यह काम कैसे करेगा और भारत में कब तक आएगा ये से जवाब जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़िए।

5G टेक्नोलॉजी क्या है?:-

5G का अर्थ 5th Generation नेटवर्क से संबंधित है।5G तकनीक एक तरह की वायरलेस कनेक्टिविटी(Wireless Connectivity) है, जिसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम (Electromagnetic Spectrum) यानी रेडियो तरंगों (Radio Wave)का इस्तेमाल होता है। यह मोबाइल नेटवर्क की एक नयी टेक्नोलॉजी है और पिछले सभी नेटवर्क Generations के मुकाबले 5G नेटवर्क की वायरलेस डेटा क्षेत्र में काफी बड़ी भूमिका होगी।

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5G या पांचवीं जनरेशन (Fifth Generation) लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (Log Term Evolution) में एक अपग्रेड है। 5G में फास्ट इंटरनेट स्पीड मिलेगी, इसका नेटवर्क भी 4G के मुकाबले बहुत फास्ट होगा। 5G तीन बैंड्स में काम करता है- Low band, Mid band और High Frequency Band Spectrum हाल ही में इन्हीं की नीलामी संपन्न हुई है।

तीनों बैंड के अपने-अपने काम और फायदे हैं। Low Frequency में 600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज आते हैं, जो लगभग 4G जैसा ही है। इसके बाद Medium Frequency में 3300 मेगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी आती है। वहीं, High Frequency में 26 गीगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी आती है।

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NETWORK LATENCY क्या है? :-

ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि 5G नेटवर्क द्वारा न सिर्फ कनेक्टिविटी अच्छी मिलेगी, बल्कि एडवांस ऐन्टेना टेक्नोलॉजी द्वारा नयी रेडियो फ्रीक्वेंसी पर डेटा ट्रांसफर होने से डेटा ट्रांसमिशन स्पीड में काफी बढ़ोतरी हो जाएगी और नेटवर्क लेटेंसी (Network Latency), यानी विलम्ब भी कम होगा। इससे टाइम की बहुत बचत होगी। इस टाइम हम दूसरा वर्क कर सकते है।

अब आप पूछेंगे कि नेटवर्क लेटेंसी क्या होती है. दरअसल, जब आप मोबाइल से इंटरनेट पर कुछ सर्च करते हैं तो आपके फोन और टारगेट सर्वर के बीच लगने वाला टाइम लेटेंसी कहलाता है। 4G नेटवर्क में यह लेटेंसी 40ms (40 मिलीसेकेंड) मिलती है, जो 5G नेटवर्क में 1ms होने का अनुमान है। यानी आपने क्लिक किया और एक मिलीसेकेंड में जवाब आपके सामने आ जाएगा।

5G नेटवर्क में नेटवर्क मैनेजमेंट की विशेषता भी होगी, जिससे नेटवर्क स्लाइसिंग (Network Slicing) द्वारा मोबाइल ऑपरेटर्स एकमात्र 5G नेटवर्क में विभिन्न वर्चुअल नेटवर्क बना पाएंगे, जिससे Consistency यानी स्थिरता और Speed यानी गति भी बहुत अच्छी रहेगी।

5G में किन रेडियो तरंगों का इस्तेमाल होता है? :-

5जी तकनीक में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम यानी Radio Wave का इस्तेमाल होता है। 5G तकनीक की जानकारी रेडियो तरंगों के बारे में समझने से मिल सकती है। वैज्ञानिक परिभाषा के अनुसार एक निश्चित समय-अंतराल में एक रेडियो तरंग जितनी बार खुद को दोहराती है, वह Wave Frequency कहलाती है यह Frequency हर्ट्ज नापी जाती है।

कोई रेडियो तरंग खुद को दोहराने में जितना समय लेती है, उसे उसकी Wavelenth कहा जाता है। जब रेडियो तरंगों की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाया जाता है, तो उनकी Wavelenth कम होने लगती है। ऐसे में frequency अधिक होने (या वेवलेंथ कम होने) पर तरंगें तेजी से एक से दूसरी जगह पर तो पहुंचती हैं, लेकिन ज्यादा दूरी तक नहीं जा पाती हैं। इसकी वजह यह है कि Wavelength कम होने की वजह से रेडियो तरंगें विभिन्न सतहों को भेद नहीं पाती हैं।

इसके उलट frequency कम और wavelength ज्यादा होने पर रेडियो तरंगें कम गति होने पर भी ज्यादा दूरी तय कर सकती हैं।

5G इंटरनेट की स्पीड कितनी होगी? :-

5G तकनीक से दक्ष नेटवर्क की इंटरनेट स्पीड को लेकर ऐसे दावे किये जा रहे हैं कि 5G पर इंटरनेट स्पीड 4G के मुकाबले 30-40 गुना अधिक तेज होगी। आने वाला समय 5G का है। यह 4G नेटवर्क के मुकाबले बहुत तेज है। 4G नेटवर्क पर जहां औसतन इंटरनेट स्पीड 45 mpbs होती है, लेकिन 5G नेटवर्क पर यह स्पीड बढ़कर 1000 mpbs तक पहुंच जाएगी।

इससे इंटरनेट की दुनिया पूरी तरह से बदल जाएगी। आम जिंदगी में इसका मतलब होगा कि 4G के मुकाबले 10 से 20 गुना ज्यादा तेज डेटा डाउनलोड किया जा सकेगा। 4G नेटवर्क पर एक फिल्म डाउनलोड करने में जहां छह मिनट लगते हैं, 5G नेटवर्क के आने से एक फिल्म को डाउनलोड होने में बस कुछ सेकंड का टाइम लगेगा।

5G इंटरनेट का प्लान कितने रुपये में मिलेगा? :-

भारत में रिलायंस जियो के आने के बाद इंटरनेट अधिकतर लोगों की पहुंच में है। इस समय 80 करोड़ यूजर्स ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे ज्यादा यूजर रिलायंस जिओ के ही हैं। उसके बाद एयरटेल के यूजर्स सबसे ज्यादा है। जहां तक 5G इंटरनेट प्लान के कीमतों का सवाल है, तो फिलहाल इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। लेकिन माना यही जा रहा है 4G प्लान की कीमतों से यह महंगा होगा, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, 5G स्पेक्ट्रम के ऑक्शन में टेलीकॉम कंपनियों ने पानी की तरह पैसा बहाया है। जाहिर है, उसकी भरपाई जनता की जेब से ही की जाएगी। दीगर बात यह है कि 4G की ही तरह रणनीति अपनाते हुए market competition को देखते हुए कंपनियां 5G लॉन्च की शुरुआत में प्लान्स की कीमत कम रखें और बाद में इसे बढ़ा दें।

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5G NETWORK के फायदे क्या हैं? :-

5G सर्विस से इंटरनेट स्पीड पहले से 10 गुना फास्ट हो जाएगी। ऐसे में बिना किसी देरी के वीडियो गेमिंग कर पाएंगे। साथ ही वीडियो को बिना बेफ्रिके देख पाएंगे। इसके अलावा इंटरनेट कॉलिंग के दौरान बिल्कुल साफ आवाज आएगी। 5G मोबाइल सर्विस के शुरू होने के बाद मोबाइल टेलीफोनी की दुनिया ही बदल जाएगी। एक अनुमान के अनुसार, 5G की स्पीड ,4G से 10 गुना ज्यादा होगी। 5G सर्विस शुरू होने के बाद ऑटोमेशन का नया दौर शुरू होगा। अब तक जो चीजें बड़े शहरों तक सीमित हैं।

उनकी पहुंच गांवों तक होगी। देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। साथ ही, ई-गवर्नेंस का विस्तार होगा। एक 2 GB की मूवी को डाउनलोड होने में महज 10 से 20 सेकेंड का समय लगेगा। ड्राइवरलेस कार और बाइक का जमाना आएगा। साथ ही ड्रोन और रोबोट से खेती हो सकेगी। ऑनलाइन क्लासेस का दौर शुरू होगा, जहां AR और VR से पढ़ाई कर पाएंगे। इसमें ई-मेडिसीन शामिल है, शिक्षा और कृषि क्षेत्र को जबरदस्त फायदा होगा। 5G से फायदा तो बहुत है लेकिन नुकसान भी इससे बहुत ज्यादा होगा।

5G के नुकसान :-

5G के आने से सिर्फ पशु पक्षी जानवर ही नहीं पूरे पर्यावरण वायुमंडल और सारी मनुष्य पर भी इसका बहुत ही बुरा असर पड़ेगा।

वीडियो को जरुर देखें।

https://youtu.be/XaBzrD5Fs6M

5G सेवा के लॉन्च होने के बाद देश में डिजिटल क्रांति को नया आयाम मिलेगा। रोबोटिक्स तकनीक का विकास होगा। कोरोना संकट के बाद से जिस तरह इंटरनेट पर हमारी निर्भरता बढ़ी है, उसे देखते हुए 5G हर व्यक्ति के जीवन को बेहतर और सरल बनाने में मदद करेगा। 5G टेक्नोलॉजी से artificial intelligence, health care, virtual reality, cloud gaming के लिए नये रास्ते खुलेंगे। ड्राइवरलेस कार की संभावना इसके जरिये पूरी होगी। 5G नेटवर्क पर मशीनें आपस में बात करेंगी। अर्थात जो रोबोट मनुष्य द्वारा बनाया जाएगा। तुम्हें रोबोट एक दूसरे से बात नहीं कर सकेंगे।

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