अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर बलि चढ़ती हुई हमारी खेती

सेल्फी पोस्ट करूं तो १००लाइकर १००मिनट में पर ये मैं करता नहीं , मुझे तो किसानों को जागरूक करना है ! चाहे १०/२०ही हो !
विश्व व्यापार संगठन (#WTO) के एग्रीमेंट ने जितना नुक्सान #किसान का किया है…उतना किसी ने नहीं किया आज तक और अब बंद दरवाज़ों के पीछे…क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (#RCEP) एग्रीमेंट पर जोर शोर से विचार हो रहा है….अगर ये एग्रीमेंट sign कर लिया मोदी जी ने…तो सस्ते आयात….हमारी ..किसानों की पीठ तोड़ देंगे….बिलकुल खत्म हो जायेगा और उनका किसानमुक्त भारत का सपना साकार हो जायेगा ! किसान…….क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) एग्रीमेंट के तहत 92 फीसदी व्यापारिक वस्तुओं पर से आयात शुल्क हटाने पर विचार हो रहा है…ये लोग फिर विश्व व्यापार संगठन (W.T.O) के एग्रीमेंट वाले रास्ते पर चल पड़े हैं….फिर सौदा होगा किसानों का……यहाँ स्वामीनाथन रिपोर्ट का ही चक्कर पड़ा हुआ है और मोदी जी ने एक और बम फिंक फेंक दिया…..इसलिए अब तो ये बात और साफ़ हो गई है….की किसान/गांव/मज़दूर का नीति निर्माण में सेंध मारने की अलावा और कोई इलाज नहीं है….

👉जैसे विश्व व्यापार संगठन (W.T.O) के एग्रीमेंट के लागू होने के बाद…हमारा विदेशी माल/फसलों पर अपनी इच्छानुसार आयात शुल्क लगाने का हक़ छिन गया था….उसे कई गुना ज्यादा बेड़ियाँ…क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) एग्रीमेंट के तहत लग जाएँगी हम पर….फिर सस्ते आयात को रोकना नामुमकिन ही समझो…..और फिर भारी सब्सिडी वाले सस्ते आयात…..देसी किसान को खत्म कर देंगे…….कुछ उदहारण दे रहा हूँ (नीचे)…जिससे साफ़ होता है…की कैसे विश्व व्यापार संगठन (W.T.O) के एग्रीमेंट ने विकासशील देशों के देसी उत्पादन खत्म किये और फिर कैसे….सस्ते subsidised खाद्यान आयात होने लगे…जिस पर अब विकासशील निर्भर हो गए हैं…जैसे अब हम भी 70,000 करोड़ सालाना का खाद्य तेल आयात करने पर मज़बूर हैं…

👉कोई नहीं बोला अभी तक क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) एग्रीमेंट के विरुद्ध…….भगवान् से आशा कर रहा हूँ की गांव गांव में किसान इस मुद्दे पर बात करना शुरू करें…क्योंकि हमारे किसान नेता….अभी भी इस क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) एग्रीमेंट के नुकसानों से अनभिज्ञ ही लग रहे हैं……

👉सबसे फिर प्रार्थना है….की क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) एग्रीमेंट के नुकसानों के बारे में ज्यादा से ज्यादा संवाद शुरू करों भाइयों…आमदनी दोगुनी हो या न हो….अगर क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) एग्रीमेंट पर मोदी जी ने हस्ताक्षर कर दिए….तो जो आधी रोटी खा रहे हैं…उससे भी जायेंगे किसान….इसलिए …वक़्त आ गया है की गांव/किसान/मज़दूर “एक छत्त” के नीचे आ कर….अपने हक़ छीनने की रण नीति बनाए……

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