IMD ने जारी किया अलर्ट, क्या है चक्रवात जवाद(Cyclone Jawad)

चक्रवात जवाद (Cyclone Jawad)

IMD ( Indian Meteorology Department) ने हाल ही में ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अंदर Warning दी है कि 4 दिसंबर तक ओडिशा और आंध्रप्रदेश तट पर पहुंच सकता है। और अलर्ट जारी किया है जिससे जो वहां के रहने वाले मछुआरे है वह अपने घर तक वापस आ जाएं, क्योंकि वहां फंस सकते हैं यह तूफान अंडमान सीमा से बंगाल की खाड़ी से आ रहा है। IMD ने इस प्रकार की एक Advisery जारी की है, कि 88km/h की रफ्तार सेSouth east corner से तूफान चलता हुआ आ रहा है। चूंकि यह 88km/h की रफ्तार से आ रहा है। यह server cyclone storm तथा cyclone storm की category में आता है। अर्थात इसकी वजह से होने वाले नुकसान ज्यादा नहीं होंगे।

जवाद का अर्थ क्या है

जवाद अरबी भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ होता है अच्छा व्यक्तित्व (खुशहाली भरा व्यक्तित्व) पर भारत में यह जवाद तूफान के रूप में आ रहा है। और cyclone storm के रूप में आ रहा है।

चक्रवात का नामकरण :

IMD के अंदर कुल 13 देश ऐसे है, जो अपने द्वारा नाम प्रस्तावित करते हैं।

बांग्लादेश, भारत, ईरान, मालदीव, ओमान, म्यांमार, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, UAE, यमन।

इन सभी देशों को मिलकर इसका निर्माण होता हैं उन देशों का जो कि तूफानों का नाम प्रस्तावित करते हैं इनमें से जो जवाद नामक तूफान आने वाला है, इसका नामकरण ‘सऊदी अरब’ ने किया हुआ है।

अगर आपको पता हो तो इससे कुछ ही दिन पहले Shaheen नाम से एक तूफान आया था आज से लगभग 2 महीने पहले। इस चक्रवात का नामकरण ‘कतर’ ने किया था। और साथ में Gulab नाम से भी एक चक्रवात आया था और इसका नामकरण ‘पाकिस्तान’ ने किया था। और भारत ने ‘Goti’ नामक चक्रवात का नामकरण किया था।

आने वाले चक्रवात :

(1) सबसे पहले IMD के द्वारायह न्यूज़ निकल कर आई है ,कि 4 दिसंबर को जवाद नाम से एक चक्रवात आने वाला है।

(2) Asani नामक चक्रवात आने वाला है इसका नामकरण श्रीलंका ने किया है।

(3) Sitrang नामक चक्रवात भी आने वाला है,‌जो कि थाईलैंड में इसका नामकरण किया हुआ है।

(4) Mondous नामक चक्रवात में आने वाला है, जोकि UAE के द्वारा नामकरण किया गया है।

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चक्रवात क्यों आते हैं?

अगर हम आसान भाषा में बताएं, तो कई बार आपने देखा होगा, कि कभी-कभी धूल का बहुत देर से बवंडर चलता है जिसे हम चक्रवात (cyclone) के नाम से जानते हैं। चक्रवात इसीलिए बनता है, क्योंकि जिस जगह बवंडर बनता है वहां पर Air pressure की कमी हो जाती है।

जब कभी High pressure से Low pressure की तरफ हवा चलना शुरू हो जाती है और जब यह हवाएं सब एक ही जगह जा रही होती हैं। तो वह वहां जा करके एक बार में उस जगह पर नहीं जा पाती और आपस में इसके चारों तरफ मंडराने लगती हैं। यह हवा का मंडराना ही Cyclone कहलाता है।

यदि High pressure से पृथ्वी के केंद्र की तरफ यदि आप Northern hemisphere की तरफ है coriolis force के कारण ये हम हवाएं अपनी दिशा से Right hand side घूम जाती हैं। इनके Right hand side घूमने के कारण ये Anti – clockwise घूमने लगता है। इसे Counter clock wise के नाम से भी जानते हैं। Counter clockwise केवल Northern hemisphere में बनता है। और दिशा Counter clock wise कोरिओलिस बल के कारण होती है। और तूफान का बनना निम्न दाब क्षेत्र के कारण होता है।

Southern hemisphere में बनने वाले चक्रवात Clock wise घूमते हैं क्योंकि कोरिओलिस बल Southern hemisphere मेंLeft hand side घूमते हैं।

यहां Low pressure के साथ-साथ समुद्र का तापमान भी चक्रवात आने का जिम्मेदार है। जब समुद्र का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस – 26 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो जाता है तब जाकर ही वो हवा जैसी vapaure बनती है। जिससे तूफान Create होता है। Low pressure का क्षेत्र उच्च तापमान और जमीन का होना, ये अंडमान निकोबार के कारण हमारे यहां पर तूफान बनते हैं। तूफान में जो हवा पानी के साथ साथ ऊपर उठ कर जाती है। जिस जगह पर खाली स्थान बना हुआ है उसे हम ‘तूफान की आंख’ कहते हैं।

यह तूफान की आंख हवा के प्रेशर के साथ साथ जब यह तट पर टकराती है तो तूफान का बाहर वाला circle होता है। जिसमें पानी और हवा दोनों है। तो वो जब heat करता है तो नुकसान होता है। Eye के heat करने पर बिल्कुल पता नहीं चलता तूफान एकदम शांत हो जाता है। किस के चले जाने से फिर से एक Outer mode circle टकराती है जो तूफान का निर्माण करती है।

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