Light Pollution In Hindi – प्रकाश प्रदूषण कारण, प्रभाव और उपाय 1

परिचय ( Introduction of Light Pollution)

अब तक लगभग दो चार प्रकार के प्रदूषण पढ़ते आए हैं पर क्या आपको पता है जो अतिरिक्त लाइट हम जलाते हैं उससे भी प्रदूषण होता है एक बीटल नामक मकोड़े पर कुछ वैज्ञानिकों ने रिसर्च किया और पाया कि जो अतिरिक्त प्रकाश रात को जलाई जाती हैं, जिसे light glow कहते हैं।

प्रकाश प्रदूषण(Light Pollution) के इतने नकारात्मक प्रभाव हैं कि आप इसकी केवल कल्पना कर सकते हैं. प्रकाश प्रदूषण अर्थात lighting से मोटापा, मधुमेह, स्तन कैंसर न जाने कितनी बीमारियाँ होने की सम्भावना हो सकती हैं. हमारें चारों और प्रकाश से हमारा दिमाग का मेलाटोनिन प्रभावित होता है।

जो हमारी नींद को बिगाड़ता हैं। इस विशेष पोस्ट में मैं आपको light pollution के बारे में बताऊंगी। इसके साथ प्रकाश प्रदूषण के कारण, प्रभाव और उपाय इत्यादि की चर्चा करेंगे।

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Light Pollution

प्रकाश प्रदूषण क्या हैं (what is light pollution)

जब वातावरण में कृत्रिम स्रोतों से प्रकाश की मात्रा इतनी अधिक हो जाती हैं कि प्रकृति पर नकारात्मक प्रभाव शुरू हो जाते हैं, तो इसी को प्रकाश प्रदूषण कहते हैं. प्रकाश प्रदूषण न केवल मानव प्रजाति पर दुष्प्रभावित होता हैं, बल्कि पौधों की वृद्धि और जानवरों के जनन पर भी गलत असर डालता हैं. प्रकाश प्रदूषण को लुमिनस पौल्यूशन(luminous pollution) या फोटो पौल्यूशन के नाम से भी जाना जाता हैं।

यह हमारे सोने के Biological clock के माहौल को बिगड़ सकता है, और इतना ही नही बल्कि इसके कारण सिरदर्द में वृद्धि, काम के दौरान थकान, तनाव, नींद की कमी के कारण मोटापा और इस प्रकार की चकाचौंध का असर बढती उम्र के साथ आँखों पर पड़ता हैं। जैसे कलर को पह्चाहने में दिक्कत, रतौंधी, स्थायी अंधापन भी हो सकता हैं.2016 में जब वर्ल्ड एटलस ऑफ़ नाइट स्काई ब्राइटनेस ने रात के समय ग्लोब का अवलोकन किया, यह देखने के लिए ऑनलाइन उपलब्ध, एटलस रात में कैसे और कहाँ जगमगाता है।

उत्तरी अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया के विशाल क्षेत्र प्रकाश से चमक रहे थे, जबकि पृथ्वी पर केवल सबसे दूरस्थ क्षेत्र (साइबेरिया, सहारा और अमेज़ॅन) पूर्ण अंधकार में था. दुनिया के सबसे अधिक प्रकाश-प्रदूषित देश सिंगापुर, कतर और कुवैत हैं.पृथ्वी पर उत्पन्न होने वाला अधिकांश प्रकाश मानव द्वारा किये गए अविष्कारों से आता हैं।

उदाहरण के लिए ऑटोमोबाइल, सडको पर लगाई गई रौशनी या इलेक्ट्रिक लाइटबल्ब कभी पृथ्वी पर सवेरे के पहले और सांझ के बाद कभी अँधेरा नहीं होने देती हैं. ऐसे में अगर चाइना अगर खुद का चाँद बनाएगा, तो वहां के पेड़ पौधे, वहां पर रहने वाले जीव-जंतु, यहाँ तक इन्सान भी चैन की नींद नहीं सो पाएंगे. खैर, हम इसके दुष्प्रभावों की चर्चा आगे करेंगे, अभी आप ये जान लीजिये कि प्रकाश प्रदूषण कितने प्रकार का होता हैं और इनके स्रोत क्या है?

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प्रकाश प्रदूषण के प्रकार(Types of light pollution)

1.प्रकाश प्रदूषण का अर्थ यह हैं कि हद से ज्यादा मानव निर्मित प्रकाश जो हमारे दृश्य प्रकाश में व्यवधान पैदा कर सकता हैं. हमारी आँखे सभी प्रकाश को नहीं देख सकती हैं. आम तौर पर हमारे चारो और जिस प्रकाश को देखते हैं, असलियत में हम उसको देख ही नहीं सकते. जो प्रकाश नहीं देखा जा सकता वह रेडियो-तरंग स्पेक्ट्रम के रूप में पाया जाता है. प्रकाश प्रदूषण के निम्नलिखित पांच प्रकार के होते हैं।

1. चकाचौंध ( Glare )

यदि हम सूरज की तरफ देखते हैं, तो हमें सूरज के पीछे की चीजें नजर नहीं आती है क्योंकि सूरज अपनी रोशनी केवल आगे की तरफ नहीं बल्कि चारों तरफ अपनी रोशनी फैला देती है इसकी विकिरण के कारण हम पीछे का दृश्य फोकस नहीं कर पाते हैं।

2. स्काईग्लो ( skyglow )

कभी आप रात के समय अपने घर की छत पर खड़े होकर दूर चमक रही उस पिली रोशनी को देखना, जो हाईवे पर लगाई जाती हैं, आप पाएंगे की वहां पर कुछ ऐसा हो रहा हैं जैसे कि आग लगी हो या एक बड़ा-सा आकाश में दृश्य दिखेगा, जिसका आकर गुम्बंद जैसा हो सकता हैं. इसको स्काई ग्लो से जाना जाता हैं।

3. प्रकाश अतिचार ( Light trespass)

यह न केवल प्रदूषण का एक रूप है, बल्कि कई क्षेत्रों में यह एक अपराध भी है. प्रकाश अतिचार से तात्पर्य यह है कि अक्सर कुछ रहीश लोग अपने घर में प्रवेश करने के लिए बहुत बड़े प्रकाश द्वार की व्यवस्था कराते हैं. यह एक प्रकार का अवांछित प्रकाश है।

4. गलत व्यवस्था ( Wrong arrangements )

गलत तरीको से प्रकाश उपकरणों का समायोजन करना एक मानव निर्मित मुद्दा हैं. अक्सर आपने सड़कों और स्ट्रीट लाइटो को देखा होगा, जो कि इस प्रकार लगाई जाती हैं की उसका प्रकाश चारों और फैला रहता हैं. बहुमंजिला इमारतों के आस पास इस प्रकार की रोशनी से स्थानीय लोगो को काफ़ी नुकसान झेलना पड़ता हैं. जब प्रकाश चारों और फैलता हैं तो जानवरों की प्राकृतिक निशाचर गतिविधियाँ को भी फ़ैल कर देता।

5. अतिरोशनी ( Extra light )

सड़कों पर दिखाई देने वाली रोशनी के दुरुपयोग के कारण इस प्रकार का प्रदूषण उत्पन्न होता हैं. इस रौशनी और बिजली को बचाया जा सकता हैं, लेकिन स्ट्रीट लैंप दिन के उजाले में भी जलते रहते हैं, जिनको उत्पादित करने में लाखों बैरल तेल खर्च होता हैं।

प्रकाश प्रदूषण के कारण ( Causes of light pollution )

प्रकाश प्रदूषण केवल मानव निर्मित समस्या हैं, क्योंकि यह केवल मनुष्य के द्वारा किये गए क्रियाकलापों द्वारा होता है. प्रकाश प्रदूषण का कोई भी तुलनीय प्राकृतिक कारण नहीं है. यहाँ पर प्रकाश प्रदूषण के मुख्य कारण दिए गए हैं।

1.प्रकाश का अत्यधिक उपयोग

2. कारों और अन्य मोटर वाहनों से रोशनी

3.स्ट्रीटलैम्प

4.खराब योजना

5.गैर जिम्मेदाराना प्रयोग

6.अधिक जनसंख्या

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प्रकाश प्रदूषण के प्रभाव ( Effect of light pollution)

लम्बे समय के लिए प्रकाश प्रदूषण एक गंभीर समस्या हो सकती हैं. उल्लू केवल अँधेरा में ही देख सकता हैं, ठीक ऐसे ही अनेक प्रजातियाँ जिनके क्रियाकलाप केवल रात को होते हैं, लेकिन प्रकाश प्रदूषण की स्थिति ने रात को हमेशा के लिए खत्म कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप जानवरों और पक्षियों की जनन क्रिया इत्यादि में बाधा उत्पन्न होती हैं. यहाँ पर प्रकाश प्रदूषण के प्रमुख प्रभाव दिए गए है।

1.लोगों और जानवरों पर प्रभाव

पृथ्वी पर रहने वाले मनुष्यों के डीएनए में एक विशेष सर्कैडियन लय(रिधम) होती है, जो यह तय करता हैं दिन के वक्त हमको प्रकाश की आवश्यकता होती हैं, और रात के समय अँधेरा की आवश्यकता होती हैं. जब ये प्राकृतिक सर्कैडियन लय बाधित हो जाते हैं, तो यह स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है और कैंसर, हृदय रोग, अवसाद और अनिद्रा का कारण बन सकता है।

सड़कों पर लगी हुई स्ट्रीट रौशनी जानवरों या छोटे कीड़ों को आकर्षित कर सकती है या दूर भगा सकती है. अधिकांश पशुओं का दैनिक क्रियाओं का कार्यक्रम रात को होता हैं, लेकिन प्रकाश प्रदूषण द्वारा इनका दैनिक कालक्रम टूट जाता हैं. इससे बहुत सारी प्रजातियाँ खतरे में पड़ सकती है।

2.पृथ्वी और पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव

केवल अकेला स्काई ग्लो पर्यावरण संरक्षण में नुकसान का कारण बन सकता है क्योंकि वातावरण से निकलने वाली uv-किरणों को पृथ्वी तक पहुंचने में सहायता करता हैं. यह विकास और प्रकृति के चक्र को बाधित करता है जिस पर हमारा भोजन, वायु और जल कि आपूर्ति निर्भर करती है.

पौधे भी रात को विश्राम करते हैं. क्योंकि पृथ्वी का पारिस्थितिकी तंत्र प्राकृतिक प्रकाश(सूर्य) के चक्रों पर निर्भर है. चूंकि ये पारिस्थितिक तंत्र आमतौर पर अपने पर्यावरण में परिवर्तन के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं, इस कारण मानव निर्मित प्रकाश प्रदूषण पारिस्थितिकी तंत्र पर कुप्रभाव डालता है।

3.यातायात पर प्रभाव

अत्यधिक प्रकाश से उत्पन्न होने वाला चकाचौंध दृश्य प्रकाश को बाधित कर सकता हैं, इससे अस्थायी अंधापन हो सकता है. और जब कार चलाने की बात आती है तो यह खतरनाक हो सकता है. यदि कुछ सड़कों पर अत्यधिक प्रकाश के कारण चालक की दृष्टि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है।

4.नींद की समस्या

सही तरीके से नींद लेने के लिए अंधेरे के वातावरण में सोना चाहिए, इससे नींद की पूर्ति होती हैं, पर्याप्त नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है. बहुत से लोग सोते समय विचलित होकर असहज हो जाते हैं।

5. संसाधनों की बर्बादी

प्रकाश के अत्यधिक उपयोग का अर्थ है कई जीवाश्म ईंधनों का बढ़ते स्तर पर उपयोग. उदाहरण के लिए, रोशनी को बिजली की आवश्यकता होती है, और बिजली उत्पादन के लिए औद्योगिक प्रक्रियाओं में भारी मात्रा में कोयले का उपयोग किया जाता है. इसका मतलब है कि हम भी अप्रत्यक्ष रूप से कोयले जैसे प्राकृतिक संसाधनों के ह्रास में योगदान दे रहे हैं.

प्रकाश प्रदूषण ( Light Pollution ) का समाधान और उपाय

Light Pollution
Light Pollution

प्रकाश प्रदूषण को हल करने के लिए दो बुनियादी दृष्टिकोण हैं – योजना और जागरूकता. प्रकाश के स्रोत को इस प्रकार लगाया जाना चाहिए ताकि उर्जा का सरंक्षण हो सके, लोगो को कम से कम समस्या हो. इसलिए घर के अन्दर उपयोग होने प्रकाश स्रोतों, सड़कों पर स्ट्रीट-लैंप को अधिक कुशलता वाले बल्बों से प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए. यहाँ पर कुछ प्रकाश प्रदूषण को कम करने के लिए उपाय दुए गए हैं.कोई भी पर्यावरण से सम्बन्धित मुद्दा तभी लाइट बंद रखे सरल हो सकता हैं जब सभी लोग मिलकर उसका सामना

1.लाइट बंद रखे

जितने अधिक लोग ऊर्जा संरक्षण और प्रकाश प्रदूषण को कम करने के लिए जितनी बार संभव हो रोशनी बंद करने के महत्व को समझेंगे, उतनी ही तेजी से बदलाव देखा जाएगा. यह प्रकाश प्रदूषण के प्रतिकूल प्रभावों को रोकने के सबसे आसान और सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है.

2.कट ऑफ लाइट

कुछ समय के लिए उन इलाकों के प्रकाश को पूर्णतया बंद कर देना चाहिए जहाँ इसकी बिलकुल आवश्यकता ही नहीं हो. इसके जरिये आस-पास के घरों को प्रकाश प्रदूषण से मुक्त किया जा सकता है क्योंकि प्रकाश कुछ निश्चित स्थानों पर केंद्रित होता है।

3. लाइट शील्ड्स

प्रकाश स्रोत को इस प्रकार लगाया जाना चाहिए कि​प्रकाश को आस-पास के क्षेत्रों में फैलने से रोकती हैं और प्रकाश को निश्चित स्थानों पर केंद्रित करती हैं. यह प्रकाश प्रदूषण की समस्या और आस-पास के घरों और उनके निवासियों के लिए इसके नकारात्मक परिणामों को सुलझाने में मदद करें।

4. प्रमाणित प्रकाश स्रोत का प्रयोग करें

एक अन्य प्रभावी तरीका यह हैं कि प्रमाणित प्रकाश व्यवस्था का उपयोग करना है जो चकाचौंध, आकाश की चमक और प्रकाश के फैलाव को काफी हद तक कम कर सकता है. IDA जैसे कुछ प्रमाण-पत्र पर्यावरण पर रोशनी के कम प्रभाव की गारंटी देते हैं, जिससे प्रकाश प्रदूषण कम से कम होता हैं।

5.मोशन सेंसर

मोशन सेंसर प्रकाश प्रदूषण को कम करने का एक अद्भुत तरीका है. इस मामले में, कोई भी स्रोत या बत्ती तभी चालू होती है, जब गति संवेदक चालू होता है. और इससे बहुत सारी ऊर्जा बचाने में मदद मिलती है।

6.दूसरों को शिक्षित करें

प्रकाश प्रदूषण से निपटने के लिए शिक्षा और जागरूकता भी महत्वपूर्ण है. अपने मित्रों से इसके बारें में बात करें, उन्हें समझाइए, मैं इस पोस्ट को लिखकर आपके पास इस बात को पहुंचा रहा हूँ, आप इसको शेयर करके आगे पहुंचा सकते हैं. इस प्रकार के कदम प्रकाश प्रदूषण की गंभीर समस्या को कम करने के लिए एक बड़ा प्रभाव डालेगा और कई अन्य वैश्विक समस्याओं से भी लड़ने में मदद करेगा जिनका हम वर्तमान में सामना कर रहे हैं।

Khushboo Guptahttps://untoldtruth.in/
Hii I'm Khushboo Gupta and I'm from UP ,I'm Article writer and write articles on new technology, news, Business, Economy etc. It is amazing for me to share my knowledge through my content to help curious minds.

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