Pegasus Spyware क्या है तथा कैसे करता है फोन हैकिंग?

Pegasus एक इजराइली कंपनी NSO Group द्वारा विकसित की गई एक Spyware है, जो किसी साइबर हथियार के तौर पर काम करता है। यह पहली बार 2016 में सुर्खियों में आया था।

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी ने एक बयान में कहा था उस बयान के बाद Pegasus फिर से बाहर आ गया है। इसने एक बार फिर से पुराने विवाद सामने लाकर खड़ा कर दिया है जब सरकार पर विपक्षी नेताओं के फोन की Pegasus के जरिए जासूसी करने का आरोप लगा था। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी द्वारा यह कहा गया कि Pegasus Spyware से उनके फोन की जासूसी हुई थी।

उन्होंने यह भी कहा था कि अधिकारियों ने उनसे फोन पर बातचीत करने के दौरान सावधान रहने को बोला था। इस लेख में हमने पेगासस क्या है?, पेगासस सुर्खियों में क्यों आया, पेगासस के खिलाफ फेसबुक ने केस दर्ज क्यों करवाया, पेगासस फोन को कैसे हैक करता है, पेगासस जासूसी के दौरान क्या-क्या कर सकता है? इन सारी बातों के बारे में हमने इस लेख के माध्यम से आपको बताने का प्रयास किया है। तो आइए जानते हैं इसके बारे में…

आखिर यह Pegasus Spyware है क्या? :-

Pegasus एक इजराइल की कंपनी द्वारा NSO Group द्वारा बनाया गया एक स्पाईवेयर है, जो किसी साइबर हथियार के तौर पर काम करता है। 2016 में यह पहली बार सुर्खियों में आया था जब एक संदिग्ध संदेश मिलने के बाद एक अरब एक्टिविस्ट को शक हुआ। माना जा रहा था कि पेगासस iPhone users को टारगेट कर रहा है। इसका खुलासा होने के कई दिनों बाद Apple ने iOS का एक अपडेटेड वर्जन जारी कर दिया, और कथित तौर पर उन सुरक्षा खामियों को दूर किया जिसका इस्तेमाल पेगासस फोन हैक करने के लिए कर रहा था।

Pegasus Spyware एक बार फिर सुर्खियों में :-

दरअसल राहुल गांधी ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में अपने बयान में आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद पेगासस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पिछली बार भारत में इसके बारे में 2019 में सुना गया था जब कुछ WhatsApp Users, जिनमें पत्रकार और कार्यकर्ता शामिल थे, उन्हें WhatsApp से Message मिला था कि उनके फोन की Pegasus से जासूसी की जा रही है।

आपको बता दें कि तकरीबन हर महीने इस बारें में यह News सामने आती हैं कि इसका इस्तेमाल करके किसी फोन को कैसे हैक किया गया। यहां तक कि पेगासस स्पाइवेयर iPhone को भी हैक कर सकता है। इसे लेकर Georgian News paper में विस्तार से News भी छापी गई थी।

NSO Group ने गार्जियन को दिए बयान में इसकी रिपोर्ट- ‘The Pegasus Project’ को NSO Group को गलत आधार पर बदनाम करने का प्रयास बताया गया। कंपनी ने ब्रिटिश समाचार वेबसाइट को दिए अपने लंबे बयान में यह कहा कि NSO Group की अपने ग्राहकों के डेटा तक पहुंच नहीं होती है।

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Pegasus Spyware के खिलाफ फेसबुक ने दर्ज कराया था केस :-

हालांकि, एक साल बाद सुरक्षा शोधकर्ताओं ने शोध करके यह पाया कि पेगासस Android phone में जासूसी करने में सक्षम था। इसके बाद साल 2019 में फेसबुक ने Pegasus बनाने के लिए NSO Group के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था। फेसबुक के सुरक्षा शोधकर्ताओं ने अपने सिस्टम में पेगासस का पता रहे थे और उन्होंने अपने शोध में यह पाया कि इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भारत में कई पत्रकारों और कार्यकर्ताओं की जासूसी के लिए किया गया था।

इसी दौर में WhatsApp ने प्रभावित भारतीय यूजर्स को एक मैसेज के जरिए इसके बारे में जानकारी दी। पेगासस स्पाइवेयर को अब तक का सबसे परिष्कृत फोन हैकिंग टूल कहा गया है और क्योंकि इसका इतनी बार इस्तेमाल किया गया है कि हम अभी भी इससे प्रभावित हुए लोगों की कहानियां सुन रहे हैं। इसके बाद आइए जानते हैं कि पेगासस फोन को कैसे हैक करता है।

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कैसे पेगासस फोन को करता है हैक?

पेगासस द्वारा फोन हैकिंग बेहद आसान है और फोन यूजर को बिल्कुल भी पता भी नहीं चल पाता कि उसके डिवाइस से छेड़खानी करके जासूसी की जा रही है। जब कोई हैकर किसी फोन की पहचान को हैक कर लेता है, जिस भी फोन को वह हैक करना चाहता है, तो वे ऐसे यूजर को एक वेबसाइट लिंक भेजते हैं। और जैसे ही यूजर्स उस लिंक पर क्लिक करता है, तो उस फोन में पेगासस इंस्टॉल हो जाता है।

व्हाट्सऐप जैसे ऐप्स के जरिए की जाने वाली Voice call में एक सिक्योरिटी बग के जरिए भी इसे इंस्टॉल किया जा‌ सकता है। दरअसर, यह इतना मजबूत और गोपनीय तरीका है कि यूजर्स को सिर्फ एक मिस्ड कॉल के द्वारा भी फोन पर पेगासस इंस्टॉल किया जा सकता है। एक बार सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाने के बाद यह कॉल लॉग को भी हटा देता है ताकि यूजर को मिस्ड कॉल के बारे में बिल्कुल भी पता न चल पाए। कि उसके फोन की जासूसी हो रही है। पेगासस क्या-क्या कर सकता है इसके बारे में आइए जानते हैं।

पेगासस जासूसी के दौरान क्या क्या कर सकता है? :-

फोन पर एक बार पेगासस इंस्टॉल हो जाने के बाद यह यूजर्स की जासूसी तुरंत शुरू कर देता है। यहां तक कि व्हाट्सएप के माध्यम से किए गए एन्क्रिप्टेड चैट तक भी पेगासस की आसानी से पहुंच में होते हैं। सुरक्षा शोधकर्ताओं ने अपने शोध में यह पाया है कि पेगासस मैसेज पढ़ सकता है,लोकेशन डेटा जमा कर सकता है, कॉल ट्रैक कर सकता है, फोन में वीडियो कैमरे एक्सेस कर सकता है, ऐप्स के भीतर यूजर्स की गतिविधियों को ट्रैक भी कर सकता है और अपने माइक्रोफोन के जरिए आपकी हुई सारी बातचीत को सुन भी सकता है।

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