PM को खुला आदेश-पत्र भेजने पर प्रश्न उत्तर : भाग 1

(01) PM को खुला आदेश-पत्र क्यों भेजना चाहिए ?
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आपको आदेश-पत्र सिर्फ तब भेजना है जब आप पीएम से कुछ “कहना” चाहते है। यदि आपको सरकार से कोई शिकायत है, या आपके पास कोई सुझाव या मांग है तब ही आपको पीएम को आदेश-पत्र भेजना है, अन्यथा नहीं। जब आप पीएम से कुछ कहना ही नहीं चाहते तो आदेश भेजने का या नहीं भेजने की बात यहीं पर ख़त्म हो जाती है !! आदेश सिर्फ उन्हें भेजना चाहिए जो पीएम से कुछ कहना चाहते है !!


(02) PM तो बिल गेट्स के हाथो बिका हुआ है, तो उसे आदेश भेजने से क्या होगा ?


बिलगेट्स etc तो वोट मांगने के लिए हमारे पास नहीं आते । जो आदमी चुनाव लड़ने आता है, हम उसके सामने ही तो अपनी मांग रखेंगे। जो आदमी चुनाव में ही नहीं आ रहा है, उसे हम कहेंगे भी क्यों और वह सुनेगा भी क्यों !!
CAA पीएम ने पास किया, धारा 370 ख़त्म करने के कागज पर भी पीएम ने साइन किये, जीएसटी भी पीएम लाया, लॉकडाउन भी पीएम के साइन से लागू हुआ, और अभी कृषि बिल भी पीएम ने साइन करके पास किए है। क्या आप चाहते है कि सारे किसान फ्लाईट पकड़ कर पहले अमेरिका जाए और फिर बिल गेट्स के घर के सामने प्रदर्शन करें !! और पीएम को क्लीन चिट दे दें !! यूं ?


(03) मेरा मतलब है कि पीएम को लिखित में आदेश भेजने से कुछ फर्क पड़ने वाला नहीं है !

वो बात हम भी मानते है कि, पीएम को इक्का दुक्का आदेश पत्र (पोस्टकार्ड, इनलैंड लेटर, बुक पोस्ट आदि) से कोई फर्क नहीं पड़ता, किन्तु जब करोड़ो नागरिक पीएम को लिखित में आदेश भेजेंगे तो पीएम को अमुक मांग मानने के लिए बाध्य किया जा सकता है। तो हम यह कभी नहीं कहते कि, पीएम को चिट्ठी भेजने से पीएम मान ही जाएगा।
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हम कहते है कि जब ज्यादा से ज्यादा नागरिक पीएम को खुला आदेश पत्र भेजेंगे तो पीएम पर दबाव बनना शुरू हो जायेगा। और पीएम पर दबाव इसीलिए बनेगा क्योंकि पीएम एवं उसकी पार्टी को हर 5 साल में 3 बार चुनाव लड़ने के लिए जनता के पास आना पड़ता है।.और तब पीएम को यह फैसला लेना पड़ेगा कि, यदि वह धनिकों को लाभ पहुँचाने के लिए जनता की मांग की अवहेलना करेगा तो वह और उसकी पार्टी चुनाव हार जायेगी।


(04) आप कितनी भी चिट्ठियां भेजो पीएम इन्हें फाड़ कर फेंक देगा, और मामला रफा दफा हो जाएगा !!
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असल में, चिट्ठी डालने के लिए नागरिको को सड़को पर लगे पोस्ट बॉक्स तक आना होता है। मतलब, जब पीएम के पास किसी महीने में लाखों/करोड़ो चिट्ठियां पहुंचेगी तो इसका मतलब है कि करोड़ो नागरिक एक तय दिन को तय समय पर (5 तारीख को 5 बजे) सड़को पर आ रहे है। और यह संख्या क्रमिक रूप से प्रत्येक महीने एवं उसके अगले महीने निरंतर बढती चली जायेगी। पीएम आदेश पत्र फाड़कर फेंक सकता है, किन्तु आदमियों को फाड़ कर फेंक नहीं सकता। ये चिट्ठियां, वर्चुअल नहीं है, प्रत्येक चिट्ठी के पीछे निम्नलिखित चीजे है :

(a) सड़क पर खड़ा होकर पीएम से मांग करने वाला नागरिक है।
(b) उसके हाथ में एक My Letters to Pm नामक रजिस्टर है।
(c) इस रजिस्टर में आदेश पत्र की फोटोकॉपी है।
(d) फेसबुक प्रोफाइल पर चिट्ठी एवं रजिस्टर की फोटो है।
(e) लोगो के समूह चित्र है, जो प्रत्येक जिले से आदेश भेज रहे है।
(f) चिठ्ठी डालते हुए वीडियो है।
(g) और प्रत्येक चिट्ठी के साथ एक ट्विट है।

मतलब जब 1 करोड़ नागरिक खुले आदेश पत्र भेज रहे होंगे तो ऊपर दिए गए प्रत्येक बिन्दु के तहत होने वाली गतिविधीयों की संख्या भी 1 करोड़ होगी, और यदि खुला आदेश भेजने वालो की संख्या 2 करोड़ हो जाती है तो यह 2 करोड़ होगी। हर जिले, तहसील, कस्बे, गाँव में पोस्टकार्ड भी मिलते है, और पोस्ट बॉक्स भी होता है। अत: यहाँ ऐसी कोई व्यवहारिक वजह नहीं है जो इस संख्या को करोड़ो की संख्या तक जाने से रोक सके।


(05) मेरे विचार में आपको “पहले” लोगो को “जागरूक” करना चाहिए !!

मैं “जागरूक करने” (aware) की जगह पर “सूचित करने” (Inform) में मानता हूँ, और इसी शब्द का इस्तेमाल करता हूँ। और मैं “पहले” की जगह चीजो को “साथ साथ” करने में मानता हूँ।
तो हम महीने में 29 दिन तक नागरिको को विभिन्न राजनैतिक-धार्मिक-सामाजिक तथ्यों / समस्याओं के बारे में “सूचित” (आपके शब्दों में “जागरूक”) करते है, और महीने में सिर्फ एक दिन खुला आदेश भेजने को कहते है। इस तरह चिट्ठी डालने में व्यक्ति को महीने में सिर्फ एक दिन के लिए 30 मिनिट से 60 मिनिट तक ही खर्च करना होता है। और शेष 29 दिनों में कोई भी नागरिक जो मर्जी करते रह सकता है। हम किसी को नहीं कहते कि रोज दिन में 4 बार फेसबुक पोस्ट की तरह डब्बे पर जाकर चिट्ठी डालनी है।

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Bindesh Yadavhttps://untoldtruth.in
I'm Bindesh Yadav A Advance information security expert, Android Application and Web Developer, Developed many Website And Android app for organization, schools, industries, Commercial purpose etc. Pursuing MCA degree from Indira Gandhi National Open University (IGNOU) and also take degree of B.Sc(hons.) in Computer Science from University of Delhi "Stop worrying what you have been Loss,Start Focusing What You have been Gained"

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